चुनाव आयोग की ओर से प्रशासनिक और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला करने का दौर अभी थमा नहीं है।
कोलकाता। चुनाव आयोग की ओर से प्रशासनिक और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला करने का दौर अभी थमा नहीं है। उसने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के तीसरे दिन भी उत्तर बंगाल के जिलों के छह एसपी समेत जिलाधिकारी व दूसरे 13 आईएएस स्तर के अधिकारियों का दबादला कर दिया है। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के बाद दूसरे ही दिन पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, एजीपी और सीपी को तबादला कर दिया। फिर दूसरे दिन सीपी समेत 13 सपी का तबादला कर दिया।
भाजपा ने फैसले को बताया निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी
चुनाव आयोग की ओर लगातार प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारियों का तबादला करने के कदम को भाजपा ने सराहते हुए जरूरी बताया है। विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव ने उचित कार्यवाही की है। प्रशासन और पुलिस में और भी अधिकारी हैं जिन पर अपना कर्तव्य निभाने में खरा नहीं उतरने का आरोप है। ऐसे अधिकारियों को भी हटाना जरूरी है। चुनाव आयोग की उन पर नजर नहीं गई, तो वे उन अधिकारियों को चुनाव आयोग की नजर में लाएंगे।
टीएमसी ने उठाए सवाल, फैसलों पर जताई आपत्ति
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रशासन और पुलिस का मतलब टीएमसी हो गया था। इसमें परिवर्तन किया जा रहा है। दूसरी ओर टीएमसी नेता कुणाल घोष समेत तमाम नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग किसको-किसको और कितनों को हाटएगा। चुनाव आयोग जिन्हें नियुक्त कर रहा है, वे भी तो पश्चिम बंगाल के ही है।
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