भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल लाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।
भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल लाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, इस बिल का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए बनने वाली कमेटी की चेयरमैन सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हो सकती हैं।
ऐसा होगा कमेटी का स्वरूप
इस उच्च स्तरीय कमेटी में जस्टिस देसाई के साथ 5 से 6 अन्य सदस्य शामिल किए जा सकते हैं। इस पैनल में शामिल होने वाले संभावित सदस्य हाईकोर्ट के पूर्व जज, रिटायर्ड आईएएस (IAS) अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, कानूनी विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ अधिवक्ता और विश्वविद्यालय (विवि) के प्रतिनिधि होंगे।
रंजना देसाई इसलिए
राज्य सरकार ने गुजरात और उत्तराखंड से इस संबंध में जानकारी मांगी है। वहां से मिली रिपोर्ट के आधार पर रंजना प्रकाश देसाई का नाम सबसे आगे है क्योंकि उत्तराखंड और गुजरात में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट रंजना प्रकाश की अध्यक्षता वाली कमेटी ने ही तैयार किया है। गुजरात में मार्च 2025 में उनकी अध्यक्षता में कमेटी बनी थी, जिसमें रिटायर्ड आईएएस सीएल मीणा और वरिष्ठ अधिवक्ता आरसी कोडेकर जैसे सदस्य थे। इस कमेटी ने महज एक साल के भीतर सभी वर्गों और समाजों के प्रतिनिधियों से बात कर बिना किसी बड़े विवाद के बिल तैयार कर लिया। मप्र सरकार चाहती है कि जिस विशेषज्ञता के साथ अन्य राज्यों में काम हुआ है, उसी का लाभ प्रदेश को भी मिले।
सरकार की तैयारी और राजनीतिक बयानबाजी
शासन स्तर पर इस मुद्दे को लेकर जल्द ही एक बड़ी बैठक प्रस्तावित है। दूसरी ओर, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कदम को देश की एकता के लिए जरूरी बताया है। हाल ही में जबलपुर में उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि, "कांग्रेस के कई कामों की कीमत देश ने चुकाई है, उन सबको अब ठीक किया जा रहा है। देश अब यूसीसी की तरफ बढ़ रहा है।"
मध्यप्रदेश सरकार की कोशिश है कि अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर जल्द से जल्द एक ठोस ड्राफ्ट तैयार कर इसे विधानसभा में पेश किया जाए।
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