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सिंगरौली में अस्पताल विवाद

नेहरू शताब्दी चिकित्सालय जयंत में नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट और धरने के बाद FIR दर्ज

सिंगरौली के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ के साथ अभद्रता और मारपीट के मामले में नर्सों के धरने पर बैठने के बाद पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

नेहरू शताब्दी चिकित्सालय जयंत में नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट और धरने के बाद fir दर्ज

रने पर बैठी नर्स |

सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। ​नेहरू शताब्दी चिकित्सालय जयंत पिछले कुछ समय से मरीजों के इलाज से अधिक विवादों को लेकर सुर्खियों में रहता है। ऐसे ही एक विवादस्पद मामले को लेकर पिछले कुछ दिनों से यह अस्पताल विवादों का अखाड़ा बना रहा, जिसका खामियाजा अन्य मरीजों को उठाना पड़ा। दरअसल, इस विवादास्पद घटनाक्रम की शुरुआत मेल सर्जिकल वार्ड में नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित मारपीट, अभद्रता और गाली-गलौज के मामले से हुई।

मामले की शिकायत करने पर भी सहयोग नहीं

​पीड़ित नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि मामले की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से करने के बाद भी उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। जिससे उन्हें दो दिन के इंतजार के बाद मजबूर होकर तीसरे दिन धरने पर बैठना पड़ा। इस बीच पीड़ित नर्सिंग स्टाफ के साथ कोयला श्रमिक सभा (HMS) भी आ गया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को झुकना पड़ा और फिर पीड़ित नर्सिंग स्टाफ की शिकायत के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज की गई। जयंत पुलिस ने आरोपी रूपेश परमार व उसकी पत्नी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, इसके बाद भी अस्पताल में हालात सामान्य नहीं हुए हैं और दो धड़े बन गए हैं, जिसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है।

​कुछ ऐसा था पूरा मामला

​इस मामले को लेकर एचएमएस द्वारा प्रबंधन से की गई शिकायती पत्र के अनुसार, मेल सर्जिकल वार्ड के बेड नंबर 369 पर भर्ती मरीज अल्पेश और उसकी पत्नी अर्चना द्वारा मेट्रन प्रेमकला एवं अन्य नर्सिंग स्टाफ के साथ नर्सिंग काउंटर पर आकर अभद्रता, मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस सहायता नंबर 112 पर शिकायत दर्ज

​पत्र में यह भी आरोप है कि उन्हें अस्पताल के बाहर आने पर मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद स्थिति बिगड़ने पर मेट्रन प्रेमकला ने दो संबंधित डॉक्टरों को मोबाइल फोन पर घटना की सूचना दी। संगठन के पत्र के मुताबिक, इसके बाद भी तत्काल अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। बाद में पीड़ित नर्सिंग स्टाफ ने पुलिस सहायता नंबर 112 पर शिकायत दर्ज कर अपनी सुरक्षा की मांग की थी। बताया जा रहा है कि विवाद की यह घटना नर्सिंग स्टाफ के धरने बैठने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई।  

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