मानव-तेंदुआ संघर्ष की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने ठाकुरद्वारा तहसील के संवेदनशील गांवों में रेस्क्यू और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
मुरादाबाद: जनपद में मानव-तेंदुआ संघर्ष की आशंका को कम करने और तेंदुए की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए वन विभाग ने ठाकुरद्वारा तहसील के संवेदनशील गांवों में रेस्क्यू और जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। ग्राम बलिया में तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए ट्रैप केज की लोकेशन बदली गई। वन विभाग की टीम ने आसपास फुट पेट्रोलिंग के साथ ही बिजनौर जनपद से सटे जंगल और खेतों में थर्मल ड्रोन से सघन स्कैनिंग की।
ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव के उपाय
ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए टीम गांवों में पहुंचकर लोगों को तेंदुए से बचाव के उपाय बता रही है। ग्रामीणों से जंगल और जंगल से लगे खेतों में अनावश्यक जाने से बचने तथा तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास न जाने की अपील की गई है। निगरानी और जागरूकता के लिए लाउडस्पीकर युक्त प्रचार वाहनों की संख्या दो से बढ़ाकर चार कर दी गई है। ग्राम बलिया में आबादी के पास ANIDER डिवाइस भी लगाई गई है, जो किसी जानवर के पास आने पर ध्वनि उत्पन्न करती है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की ‘बाघ एक्सप्रेस’ टीम ने भी कई गांवों में ग्रामीणों को जागरूक किया।
23 ट्रैपिंग केज और कैमरा ट्रैप से तेंदुए की निगरानी
ठाकुरद्वारा तहसील के संवेदनशील क्षेत्रों में तेंदुए के रेस्क्यू के लिए कुल 23 ट्रैपिंग केज लगाए गए हैं। बलिया में कैमरा ट्रैप के जरिए भी तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। खाईखेड़ा, बाहपुर, ख्वाजपुर, मड़ैया और नाहरवाल समेत कई क्षेत्रों में टीमों द्वारा लगातार गश्त और थर्मल स्कैनिंग की जा रही है। जिला प्रशासन और वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि तेंदुए से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल वन विभाग तक पहुंचाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और टीम द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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