बिहार में भारी बारिश के बीच पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर से एक सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पटना (बिहार)। बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच शनिवार सुबह पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ गया और नदी ‘उच्चतम बाढ़ स्तर’ से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही है जिससे निचले इलाकों के डूबने का खतरा है। आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
गंगा का जलस्तर रविवार सुबह आठ बजे तक और बढ़ा
जल संसाधन विभाग की ओर से जारी ताजा जानकारी के अनुसार, ‘‘पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर पिछले चार घंटों में 10 सेंटीमीटर बढ़कर शनिवार सुबह 10 बजे 50.53 सेंटीमीटर पर पहुंच गया, जो उच्चतम बाढ़ स्तर से एक सेंटीमीटर अधिक है। गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर रविवार सुबह आठ बजे तक और बढ़कर 50.62 सेंटीमीटर तक पहुंच सकता है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।’’
राज्य मे कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
राज्य में भारी बारिश और पड़ोसी देश नेपाल में हुई बारिश के कारण गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके कारण बिहार के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की पहचान करने, उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराने और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही बक्सर से भागलपुर तक गंगा के तटबंधों की निगरानी करने को कहा, ताकि कटाव और तटबंध टूटने की घटनाओं को रोका जा सके। (इनपुट: भाषा)
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