डलमऊ क्षेत्र में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और चेतावनी बिंदु को पार कर 98.440 मीटर पहुंच गया है। तटीय गांवों और कटरी क्षेत्रों में जलभराव के कारण सैकड़ों बीघा फसलें प्रभावित हुई हैं।
रायबरेली: तहसील डलमऊ क्षेत्र में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तटीय इलाकों और कटरी के गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। गंगा का पानी चेतावनी बिंदु (98.360 मीटर) को पार करते हुए 98.440 मीटर के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
एक सेंटीमीटर की दर से लगातार दर्ज की जा रही वृद्धि
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा के जलस्तर में प्रति चार घंटे में एक सेंटीमीटर की दर से लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। नदी का जलस्तर चढ़ने के कारण तटीय कटरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसका सबसे बुरा असर कृषि पर पड़ा है; किसानों की सैकड़ों बीघा धान, गन्ना और अरहर की फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षित स्थानों पर रुकने की दी गई सलाह
जलस्तर में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी से डलमऊ स्थित वीवीआईपी गंगा घाटों सहित संकट मोचन स्नान घाट पानी में पूरी तरह डूब गए हैं। घाटों की सीढ़ियां और स्नान परिसर जलमग्न होने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है। तटीय गांवों के निचले इलाकों में पानी भरने से आवागमन में भी दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासनिक टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। तटीय इलाकों के ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है।
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