वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है, जिससे तटवर्ती इलाकों में पानी घुसने और निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। पहाड़ों के साथ पूर्वांचल, वाराणसी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार सुबह काशीवासियों ने आंखें खोलीं तो गंगा का पानी तटवर्ती इलाकों की गलियों में प्रवेश कर चुका था। गलियों के मुहाने पर खड़ी नावें भी अब अंदर तक पहुंचने लगी हैं। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। सोमवार को दोपहर 12 बजे गंगा नदी का जलस्तर 69.98 मीटर दर्ज किया गया जबकि चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है।
शवदाह के लिए कतार लगाने की स्थिति
गंगा के उफान का सबसे अधिक असर मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह व्यवस्था पर पड़ा है। रात से ही अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। घाटों पर पानी बढ़ने और उपलब्ध जगह सीमित होने के कारण शवदाह के लिए कतार लगने की स्थिति बन गई है। छतों और गलियों में भी अब पर्याप्त जगह नहीं बची है, जिससे अंतिम संस्कार में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
गलियों और मंदिरों तक पहुंचा पानी
गंगा का पानी तटवर्ती निचली गलियों में तेजी से प्रवेश कर रहा है। कई जगहों पर गलियों में आवागमन प्रभावित होने लगा है। तट के किनारे स्थित मंदिरों में भी पानी पहुंचने से पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। वहीं, गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों के बीच संपर्क पहले ही टूट चुका है।
रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नावों का सहारा
तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोग नाव के जरिए राशन और जरूरी सामान जुटा रहे हैं। पानी लगातार बढ़ता रहा तो निचले मोहल्लों में भी बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
वरुणा के पलट प्रवाह से निचले इलाकों में पानी
गंगा के साथ वरुणा नदी के पलट प्रवाह ने भी शहर के कई इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। सारनाथ, काशी क्षेत्र और वरुणा के आसपास के निचले मोहल्लों में पानी भरने लगा है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं, जबकि कुछ परिवार घर छोड़ने की तैयारी में हैं।
तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी और बढ़ी
अचानक बढ़े जलस्तर और निचले इलाकों में पानी पहुंचने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। राहत और बचाव टीमों को अलर्ट रखा गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
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