बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया, जबकि शनिवार को यह 27 सेंटीमीटर ऊपर था।
बाराबंकी: तहसील रामनगर क्षेत्र से होकर गुजर रही घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। रविवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित संजय सेतु एल्गिन ब्रिज के पास नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
106.340 मीटर दर्ज किया गया नदी का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से ऊपर पहुंच गया है। शनिवार को नदी का जलस्तर 106.340 मीटर दर्ज किया गया था, जो खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर था। रविवार को जलस्तर में दो सेंटीमीटर की और बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। नदी के जलस्तर पर केंद्रीय जल आयोग की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
खेतों और निचले स्थानों पर पड़ सकता है इसका असर
जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी के आसपास के निचले इलाकों और तटवर्ती गांवों में पानी पहुंचने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीण नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क हैं और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर नजर बनाए हुए हैं। कई ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ने से खेतों और निचले स्थानों पर इसका असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों को हर संभव मदद का दिलाया जा रहा भरोसा
जिला प्रशासन की ओर से भी बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी बाराबंकी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर रामनगर तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह द्वारा नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।
जलस्तर में होने वाली प्रत्येक बढ़ोतरी पर रखी जा रही नजर
प्रशासन का कहना है कि नदी के जलस्तर में होने वाली प्रत्येक बढ़ोतरी पर निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। फिलहाल घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर बाढ़ की आशंका बढ़ा दी है।
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