उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे की तेज आवाज से कथित रूप से सात वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे की तेज आवाज से कथित रूप से सात वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। वहीं, इस मामले में कथित लापरवाही के आरोप में एक पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
कक्षा दो की छात्रा थी वैष्णवी
मृतका वैष्णवी तिवारी कक्षा दो की छात्रा थी। सोमवार को वह स्कूल में पढ़ाई कर रही थी, तभी बाहर से तेज आवाज में डीजे बजाते हुए गणेश विसर्जन का जुलूस गुजर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, बच्ची अचानक बेहोश होकर अपनी सीट पर गिर गई। शिक्षकों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज में तीन बार बेहोश होती दिखी
इस घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में बच्ची अपनी सीट पर बैठे-बैठे तीन बार बेहोश होती दिखाई दे रही है। पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि स्कूल प्रशासन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें बालाजी डीजे के मालिक चंद्र प्रकाश वर्मा और डीजे संचालक रामपाल सैनी को आरोपी बनाया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पिकअप वाहन और डीजे उपकरण जब्त
उन्होंने बताया कि पुलिस ने उस पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है, जिस पर संगीत प्रणाली लगाई गई थी। इसके अलावा डीजे कंसोल और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना में कथित लापरवाही के आरोप में मेवालाल पुलिस चौकी के प्रभारी शैलेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कथित ढिलाई बरतने को लेकर नगर थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
डीजे संचालकों को चेतावनी नोटिस
उन्होंने बताया कि जिले के सभी डीजे संचालकों को सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूल के प्रबंधक आशीष उपाध्याय ने बताया कि बच्ची सुबह पूरी तरह स्वस्थ थी और जब जुलूस गुजर रहा था, तब वह कक्षा में मौजूद थी। जिला मेमोरियल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गिरिधर चौहान ने बताया कि बच्ची को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि बच्ची के पिता ने चिकित्सकों को बताया था कि साउंड सिस्टम की तेज आवाज के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी।
तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है। कई सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने जुलूसों और त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर और डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र में आगामी त्योहारों के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
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