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गुरप्रीत कौर ने पूर्व जस्टिस रंजीत सिंह दिया नोटिस

NHRC के आरोपों के बीच गुरप्रीत कौर ने पूर्व जस्टिस रंजीत सिंह को भेजा कानूनी नोटिस, 24 घंटे में जवाब मांगा

गुरप्रीत कौर ने पूर्व जस्टिस रंजीत सिंह को कानूनी नोटिस भेजकर 5 करोड़ रुपये की मांग के आरोपों पर 24 घंटे में जवाब मांगा है। NHRC ने पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब की है।

nhrc के आरोपों के बीच गुरप्रीत कौर ने पूर्व जस्टिस रंजीत सिंह को भेजा कानूनी नोटिस 24 घंटे में जवाब मांगा

Gurpreet Kaur Sends Legal Notice to Ex-Judge Ranjit Singh, Seeks Reply in 24 Hours |

चंडीगढ़ (पंजाब)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर ने पूर्व जज रंजीत सिंह को कानूनी नोटिस भेजकर उन आरोपों पर जवाब मांगा है। इनमें उन पर रेप के एक मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है। AAP के अनुसार, रंजीत सिंह को नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है, ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह मामला NHRC के संज्ञान में आने के बाद सामने आया है, जिसने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है।

24 घंटे में जवाब नहीं तो कार्रवाई

आम आदमी पार्टी (AAP) के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रंजीत सिंह से कहा गया है कि वे नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर इसका जवाब दें। नोटिस में कहा गया है कि अगर वे तय 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर जवाब नहीं देते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और अदालत में पेश होना होगा।

NHRC ने पंजाब सरकार को भेजा नोटिस

यह घटनाक्रम तब हुआ जब NHRC ने पंजाब सरकार को एक शिकायत पर नोटिस जारी किया। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने रिश्वत के बदले रेप के एक मामले को दबाने की कोशिश की थी। NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा, "आयोग को यह शिकायत पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस रंजीत सिंह से मिली थी।"

कानूनगो का बयान

कानूनगो ने शनिवार को बताया, "हमें पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस रंजीत सिंह से एक शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पंजाब के CM भगवंत मान की पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले रेप के एक मामले को दबाने की कोशिश की। जब राज्य में ऊंचे पद पर बैठे किसी व्यक्ति पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में इस तरह का आरोप लगाया जाता है, तो यह चिंता का विषय होता है।" उन्होंने कहा कि आयोग ने राज्य प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।

अधिकारियों को राजनीतिक दबाव से दूर रहने की चेतावनी

उन्होंने कहा, "हमने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को मामले की जांच करने और हमें रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हमने केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी सूचित कर दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही हम आगे की जांच कर पाएंगे।" कानूनगो ने अधिकारियों को राजनीतिक दबाव में काम न करने की चेतावनी देते हुए कहा, "अधिकारियों को लोगों की भलाई के लिए संविधान से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर वे किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में काम करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हमने उन्हें 15 दिन का समय दिया है।"

NHRC ने 15 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट

कानूनगो की अध्यक्षता वाली NHRC बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच करने और दो हफ़्ते के अंदर 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (ATR) सौंपने का निर्देश दिया है। आयोग ने इस मामले को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग को भी भेज दिया है। आयोग 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। (Source: ANI)

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