राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने बुधवार को कहा कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
इंदौर (मध्य प्रदेश): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने बुधवार को कहा कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से अयोग्य नामों को हटाने की प्रक्रिया समय-समय पर होनी चाहिए। रिपोर्टर्स से बात करते हुए होसबोले ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को अपने एजेंडे के अनुसार काम करने का अधिकार है, लेकिन तथ्यों की जांच किए बिना किसी प्रक्रिया का विरोध करना सही नहीं है। उन्होंने कहा, "राजनीतिक दलों को अपने एजेंडे के हिसाब से काम करने की आदत होती है। यह उनका विशेष अधिकार है- आखिर यह लोकतंत्र है- लेकिन सिर्फ विरोध के लिए विरोध करना रचनात्मक नहीं है। कोई रुख अपनाने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए।"
वोटर लिस्ट में मृतकों और डुप्लीकेट नामों पर उठाए सवाल
मतदाता सूची का जिक्र करते हुए होसबोले ने कहा कि मृत लोगों के नाम और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन की वजह से सूची अनावश्यक रूप से बड़ी हो गई है। उन्होंने गैर-भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "अभी सूची में 13 करोड़ नाम हैं, फिर भी उनमें से कई लोग अब जीवित नहीं हैं। ऐसे नामों का बने रहना ठीक नहीं है। कई लोगों के नाम दो जगहों पर रजिस्टर्ड हैं। हालांकि वे दोनों जगहों पर वोट नहीं दे सकते, लेकिन ऐसी एंट्री से मतदाता सूची अनावश्यक रूप से बड़ी हो जाती है।" उन्होंने आगे कहा कि मतदाता सूची में गैर-नागरिकों के नाम शामिल होने से देश के आर्थिक हितों और सामाजिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
समय-समय पर होनी चाहिए मतदाता सूची की समीक्षा
होसबोले ने कहा कि मतदाता सूची को समय-समय पर बेहतर बनाया जाना चाहिए और ऐसे नामों को हटाया जाना चाहिए, जो सूची में शामिल होने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, "सुधार की यह प्रक्रिया समय-समय पर होनी चाहिए। जिन नामों का सूची में होना जरूरी नहीं है, उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। मुझे समझ नहीं आता कि इसे राजनीति का मुद्दा क्यों बनाया जाना चाहिए।" RSS महासचिव ने राजनीतिक नेताओं से उन मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की, जिन्हें वे अपने एजेंडे के लिए जरूरी मानते हैं। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया का विरोध उन्हें समझ में नहीं आता। उन्होंने कहा, "राजनीतिक हस्तियों के लिए बेहतर होगा कि वे उन मुद्दों पर अपनी आवाज उठाएं, जो वास्तव में उनके एजेंडे के लिए सही हैं। कई सालों से राजनीति को देखने के बाद, मेरा मानना है कि सही मुद्दों पर ध्यान देना बेहतर है। SIR के मुद्दे के बारे में, इसका कोई मतलब नहीं बनता।"
INDIA ब्लॉक की रैली के बाद आया बयान
होसबोले का यह बयान 1 नवंबर को INDIA ब्लॉक की ओर से नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली के बाद आया है। इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध जताया गया था।
(ANI)
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