मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने संगठन को कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की बी टीम बताए जाने के आरोपों को खारिज किया।
मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को उन आरोपों को खारिज किया, जिसमें कहा गया है कि उनका संगठन कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की "बी टीम" है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उनका ध्यान छात्रों और शिक्षा पर केंद्रित है। राजनीतिक दलों के लिए "बी टीम" के रूप में काम करने के आरोपों का जवाब देते हुए दिपके ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी दलों को पहले यह तय करना चाहिए कि वे किसका प्रतिनिधित्व करते हैं।
हम छात्रों की 'ए टीम' हैं: दीपके
दिपके ने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं कांग्रेस की "बी टीम" हूं। कुछ लोग कहते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी की "बी टीम" हूं। मुझे लगता है कि इन सभी लोगों को एक साथ बैठकर यह तय करना चाहिए कि मैं किसकी "बी टीम" हूं। हमारे अनुसार, हम छात्रों की "ए टीम" हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सुधार के अभियान को किसी एक राजनीतिक संगठन की पहल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और
दीपके ने सभी दलों से समर्थन किया आग्रह
दीपके ने सभी दलों से शिक्षा सुधार अभियान का समर्थन करने की अपील की
उन्होंने सभी दलों के नेताओं से शिक्षा में सुधार के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि स्कूलों में सुधार का यह अभियान किसी एक संगठन का मुद्दा नहीं है, बल्कि बच्चों और पूरे देश के भविष्य का मुद्दा है। जो भी महसूस करता है कि स्कूलों में सुधार होना चाहिए, उसे इस पर काम करना चाहिए।
भाजपा ऐसे अभियानों पर क्यों जता रही आपत्ति: दीपके
दीपके ने कहा कि विभिन्न दलों के राजनीतिक नेता पहले से ही शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा ऐसे अभियानों पर आपत्ति क्यों जता रही है। उन्होंने कहा, सिर्फ आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि शिवसेना भी इस पर काम कर रही है। महाराष्ट्र में एनसीपी के नेता भी इस पर काम कर रहे हैं। स्कूलों में सुधार की चाह रखने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सार्वजनिक पद पर आसीन लोगों की शैक्षणिक योग्यता सार्वजनिक जांच के दायरे में होनी चाहिए।
अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
दीपके ने कहा, सार्वजनिक जीवन में किसी भी व्यक्ति की डिग्री पर सवाल उठने चाहिए और अपनी डिग्री व शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को सार्वजनिक रखना उस व्यक्ति की जिम्मेदारी है। मुख्य जिम्मेदारी उन लोगों की है जो चुनाव लड़ते हैं और संवैधानिक पदों पर आसीन होते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए दीपके ने सवाल उठाया कि उनकी डिग्री सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। इसके साथ ही आरोप लगाते हुआ कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसे सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। हमारे प्रधानमंत्री पिछले 12 वर्षों से अपनी डिग्री नहीं दिखा रहे हैं, जबकि वे एक संवैधानिक पद पर हैं। इसलिए मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो मेरी डिग्री मांग रहे हैं कि वे प्रधानमंत्री से भी पूछें।
सीजेपी-डी का शिक्षा और जवाबदेही पर फोकस
दीपके की ये टिप्पणी सीजेपी-डी के संस्थापक मनीष ब्रह्मभट्ट द्वारा संगठन के शुभारंभ की घोषणा के बाद आई है। ब्रह्मभट्ट ने इसे पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निर्णय लेने पर केंद्रित मंच बताया था। उन्होंने स्वयंसेवकों से आग्रह किया था कि वे आंदोलन को केजरीवाल की टीम न बनाएं और कहा था कि संगठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी राष्ट्रीय टीम का गठन करेगा। सीजेपी-डी के संस्थापक ने सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सएप नंबर और मिस्ड कॉल सुविधा की भी घोषणा की, ताकि लोग इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें। दीपके ने कहा कि संगठन शिक्षा और सार्वजनिक जवाबदेही से संबंधित मुद्दों को उठाना जारी रखेगा।
(इनपुट: ANI)
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