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सुरक्षा व स्मार्ट मोबिलिटी के लिए IIT इंदौर..

सुरक्षा व स्मार्ट मोबिलिटी के लिए IIT इंदौर ने की C-V2X तकनीक विकसित

MP News : इंदौर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) इंदौर के शोधकर्ताओं ने उन्नत सेलुलर व्हीकल-टू-एवरीथिंग (C-V2X) संचार तकनीक विकसित की है।

सुरक्षा व स्मार्ट मोबिलिटी के लिए iit इंदौर ने की c-v2x तकनीक विकसित

सुरक्षा व स्मार्ट मोबिलिटी के लिए IIT इंदौर ने की C-V2X तकनीक विकसित |

MP News : इंदौर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) इंदौर के शोधकर्ताओं ने उन्नत सेलुलर व्हीकल-टू-एवरीथिंग (C-V2X) संचार तकनीक विकसित की है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना है। इस शोध का नेतृत्व विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर प्रभात कुमार उपाध्याय कर रहे हैं।

C-V2X तकनीक वाहनों को अन्य वाहनों, सड़क अवसंरचना, पैदल यात्रियों और क्लाउड-आधारित प्रणालियों के साथ वास्तविक समय में संवाद करने में सक्षम बनाती है।

कनेक्टेड सड़क वातावरण के लिए नवाचार

यह तकनीक एक ऐसा कनेक्टेड सड़क वातावरण बनाने में मदद करती है, जिसमें वाहन महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारियां साझा कर सकते हैं। जैसे आगे दुर्घटना की सूचना, अचानक ब्रेक लगना, ट्रैफिक जाम या सड़क की खराब स्थिति। यह प्रणाली 4G LTE और 5G जैसे हाई-स्पीड नेटवर्क का उपयोग करती है, जिससे चालक तेजी से प्रतिक्रिया दे सकें और बेहतर निर्णय लेकर दुर्घटनाओं को रोकने तथा जाम को कम करने में मदद मिल सके।

चुनौतियां और समाधान

इस तकनीक के सामने एक बड़ी चुनौती सीमित वायरलेस नेटवर्क है, जिसे वाहन और मोबाइल उपयोगकर्ता साझा करते हैं, जिससे विलंब हो सकता है। इसे दूर करने के लिए शोधकर्ताओं ने ऐसे स्मार्ट एल्गोरिद्म विकसित किए हैं, जो नेटवर्क संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन कर सकें।यह शोध इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम्स के विकास में सहायक है।

IIT इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा कि C-V2X जैसी कनेक्टेड परिवहन प्रणालियाँ सड़क सुरक्षा सुधारने और स्मार्ट शहरों के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का शोध जान बचाने, भीड़ कम करने और भारत को भविष्य की मोबिलिटी के लिए तैयार करने में सहायक होगा।

प्रोफेसर उपाध्याय ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य भरोसेमंद और वास्तविक-समय संचार को सक्षम बनाना है, ताकि सड़क उपयोगकर्ता खतरों को पहले से पहचान कर आवश्यक कदम उठा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यह शोध भविष्य में कनेक्टेड और स्वचालित वाहनों के विकास को समर्थन देता है। यह कार्य इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम्स में एक महत्वपूर्ण योगदान है और सुरक्षित, अधिक कुशल व तकनीक-आधारित परिवहन के भारत के दीर्घकालिक लक्ष्य को मजबूती प्रदान करता है।

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