प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

इमरान मसूद का BJP पर पलटवार, देशभक्ति पर घेरा

इमरान मसूद का BJP पर पलटवार, बोले- ''देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए''; उमर खालिद, वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें सत्ताधारी पार्टी से देशभक्ति का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए।

इमरान मसूद का bjp पर पलटवार बोले- देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए उमर खालिद वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल

Imran Masood Hits Back at BJP, Says He Needs No ‘Patriotism Certificate’ |

सहारनपुर: सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें सत्ताधारी पार्टी से देशभक्ति का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए। मसूद ने छात्र कार्यकर्ताओं के मुकदमे में देरी, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को लेकर BJP की आलोचना पर भी जवाब दिया। जामिया मिलिया इस्लामिया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई की मांग वाले पोस्टरों और ग्रैफिटी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच मसूद ने न्यायिक प्रक्रिया में देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरोपियों को मुकदमे की सुनवाई से पहले लंबे समय तक जेल में रखने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़नी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट से मामले पर ध्यान देने की मांग करते हुए मसूद ने कहा, "इंसाफ सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को इस पर गौर करना चाहिए—पांच साल हो गए हैं, और ट्रायल अभी शुरू होना बाकी है। यह पूरी न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कोई आरोपी दोषी है या नहीं, यह कोर्ट तय करेगा, लेकिन अगर आप सिस्टम को पूरी तरह से रोक देंगे, तो लोग स्वाभाविक रूप से सवाल उठाएंगे।"

'मुझे BJP से देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए'

छात्र प्रदर्शनों के दौरान अपनी मौजूदगी को लेकर BJP नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद ने देशविरोधी गतिविधियों के प्रति सहानुभूति रखने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने भारत की अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, "मुझे BJP से देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। हिंदुस्तान मेरी रगों में दौड़ता है। जिन लोगों को 52 साल तक तिरंगा याद नहीं रहा, उन्हें मुझे सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "मैं वहीं नेशनल मीडिया के सामने खड़ा हुआ और कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, और सभी स्टूडेंट्स ने मेरे बयान का समर्थन किया। वे नारे उनके [BJP के] चमचों ने लिखे थे जो आंदोलन को रोकना चाहते हैं। आंदोलन नहीं टूटेगा।"

उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव की वोटर लिस्ट पर भी उठाए सवाल

चुनावी प्रक्रिया को लेकर मसूद ने सत्ताधारी सरकार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपने नियंत्रण में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने पीलीभीत में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। इन गड़बड़ियों को केवल तकनीकी गलतियां बताने के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, "इस देश के संवैधानिक संस्थानों को हाईजैक करके बंधक बना लिया गया है। लोगों को अपने वोट खुद बचाने चाहिए क्योंकि 'वोट लुटेरे' खुलेआम घूम रहे हैं। अगर टीचर चुनाव क्षेत्र के चुनावों में बैलेट से जुड़ी वोटर लिस्ट में पिता के नाम की जगह बेतुका लिखा हो, तो BJP को शर्म आनी चाहिए। चुनाव आयोग को इसका जवाब देना होगा।"

1 नवंबर की रैली पर रविशंकर प्रसाद के बयान का जवाब

कांग्रेस सांसद ने BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी। प्रसाद ने रैली की तारीख को लेकर राहुल गांधी पर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था। प्रसाद पर निशाना साधते हुए मसूद ने कहा, "रविशंकर प्रसाद उस उम्र में पहुँच गए हैं जहाँ रिटायरमेंट का समय आ गया है; उनके बारे में बात करने के लिए क्या है? जहाँ तक BJP का सवाल है, उन्हें रात भर सपनों में राहुल गांधी दिखाई देते हैं।"

रैली की तारीख पर BJP ने जताई थी आपत्ति

मसूद की यह टिप्पणी रविशंकर प्रसाद की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आई, जिसमें उन्होंने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने के कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाए थे। यह तारीख 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ी है। प्रसाद ने कांग्रेस नेतृत्व के फैसले की आलोचना करते हुए कहा था, "राहुल गांधी बहुत सोच-समझकर, 1 नवंबर को अपनी रैली करने पर ज़ोर देकर सिख समुदाय की आहत भावनाओं पर नमक छिड़कने की कोशिश कर रहे हैं। वह इसे रीशेड्यूल करने से मना कर रहे हैं। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। 1 नवंबर ही क्यों, मिस्टर राहुल गांधी? 1 नवंबर को ही अपनी रैली करने के आपके अड़ियल फैसले के पीछे क्या वजह है? आप क्या मैसेज देना चाहते हैं?"

सिख समुदाय के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर साधा था निशाना

रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के रुख की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा सिख समुदाय के सम्मान में उठाए गए कदमों से की थी। इनमें करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलना और छोटे साहिबजादों की शहादत को सम्मान देना शामिल है। प्रसाद ने कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर दिए गए पुराने बयान 'जो हुआ, सो हुआ' का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिख परिवारों के ऐतिहासिक दुख को लगातार नजरअंदाज करती रही है।

(ANI)

ये भी पढ़ें: बेटे की हत्या का बदला लेने के लिए पिता पर हत्या की साजिश का आरोप, 6 आरोपी गिरफ्तार

Related to this topic: