दोहा एयरपोर्ट पर 15 दिनों से फंसी भारतीय मूल की महिला के लिए विदेश मंत्रालय मानवीय आधार पर आपातकालीन यात्रा प्रमाण पत्र जारी करने पर विचार कर रहा है।
नई दिल्ली: भारत का विदेश मंत्रालय दोहा स्थित हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले 15 दिनों से फंसी भारतीय मूल की एक महिला को मानवीय आधार पर आपातकालीन यात्रा प्रमाण पत्र जारी करने पर विचार कर रहा है। महिला के पास कतर का वैध निवास परमिट और पहचान पत्र है, लेकिन वैध पासपोर्ट नहीं होने के कारण उन्हें कतर में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है।
स्वास्थ्य समस्याओं के चलते लगाई मदद की गुहार
करीब 50 वर्षीय नाज़नीन मोहम्मद, जो वर्तमान में तुर्की की नागरिक हैं और मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली हैं, ने दोहा स्थित भारतीय दूतावास से मानवीय आधार पर यात्रा दस्तावेज जारी करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी पेट की सर्जरी हुई है और वह उच्च रक्तचाप, थायरॉयड तथा मधुमेह जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रही हैं।
परिवार दोहा में, पति तुर्की में हिरासत में
नाज़नीन मोहम्मद के तीन बेटे हैं, जिनमें से एक भारतीय नागरिक है, जबकि दो बेटे दोहा में रहते हैं। उनके दो नाबालिग बच्चों में से एक ऑटिज्म से पीड़ित है और उसे लगातार देखभाल की जरूरत है। वहीं दूसरा बेटा 12वीं कक्षा का छात्र है, जिसकी पढ़ाई माता-पिता से संपर्क न होने के कारण प्रभावित हो रही है। महिला के पति इम्तियाज़ मलिक, जो पहले भारतीय नागरिक थे और अब तुर्की के नागरिक हैं, फिलहाल तुर्की में हिरासत में हैं।
संपत्ति विवाद के बाद बढ़ी मुश्किलें
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में दंपति ने तुर्की में एक संपत्ति में निवेश किया था। बाद में पता चला कि यह परियोजना कथित धोखाधड़ी का हिस्सा थी। इसके बाद तुर्की अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े डेवलपर को गिरफ्तार कर लिया और संपत्ति को जब्त कर लिया। 16 जून को दंपति मामले के समाधान के लिए तुर्की पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद अधिकारियों ने दोनों के पासपोर्ट जब्त कर लिए। इसके बाद पति को हिरासत में रखा गया, जबकि नाज़नीन मोहम्मद को बिना पासपोर्ट के 17 जून को दोहा भेज दिया गया।
आपातकालीन यात्रा दस्तावेज पर विचार
दोहा पहुंचने के बाद से नाज़नीन हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही फंसी हुई हैं, क्योंकि उनके पास कतर में प्रवेश के लिए आवश्यक वैध यात्रा दस्तावेज नहीं है। मामले की मानवीय परिस्थितियों को देखते हुए दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया है कि कुछ शर्तों के तहत उन्हें आपातकालीन यात्रा प्रमाण पत्र जारी करने पर विचार किया जाए।
(एएनआई)
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