इंदौर। इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक...
इंदौर पार्षद रुबीना खान ने 'वंदे मातरम' विवाद के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया ऐलान
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इंदौर। इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। कांग्रेस पार्षद रुबीना खान ने अपनी ही पार्टी के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ेंगी।
यह है विवाद की मुख्य वजह
दरअसल, बुधवार को इंदौर नगर निगम के सदन में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था। इस दौरान पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना खान ने इसे गाने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि उनके धार्मिक विश्वास (इस्लाम) के अनुसार, वे अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत या वंदना नहीं कर सकते। इस घटना के बाद भाजपा पार्षदों ने जमकर हंगामा किया और 'धर्म बनाम राष्ट्रवाद' की बहस छिड़ गई।
रुबीना खान ने बोला
रुबीना खान ने कांग्रेस पार्टी द्वारा संभावित कार्रवाई या दूरी बनाए जाने पर बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "पार्टी मुझे रखे या निकाले, मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है, जो शब्द गुस्से में निकल गए, वे मेरे जज्बात थे। अगर किसी में हिम्मत है तो मुझे बुलवाकर दिखाए।" उन्होंने आगे कहा कि वह किसी के दबाव में नहीं आएंगी और अपने स्टैंड पर कायम हैं।
कांग्रेस से बढ़ी दूरियां
इस विवाद के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर भी दो फाड़ नजर आ रहे हैं। जहां कुछ नेता इसे व्यक्तिगत धार्मिक आस्था बता रहे हैं, वहीं पार्टी नेतृत्व राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बैकफुट पर आने से बचने की कोशिश कर रहा है। रुबीना खान ने यह साफ कर दिया है कि वह अब पार्टी के भरोसे नहीं रहेंगी और निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखाएंगी।
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