देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब आठ बार अपने नाम कर चुके इंदौर के सामने अब नौवीं बार इस ताज को बचाने की बड़ी चुनौती है।
इंदौर (मध्य प्रदेश)। देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब आठ बार अपने नाम कर चुके इंदौर के सामने अब नौवीं बार इस ताज को बचाने की बड़ी चुनौती है। हाल के रिपोर्टों के अनुसार, शहर की छोटी-सी लापरवाही भी उसे रैंकिंग में भारी नुकसान पहुँचा सकती है।
रैंकिंग पर खतरा
शहर में दिखने वाला एक-एक धब्बा रैंकिंग घटा सकता है। सर्वेक्षण में थूकने और गंदगी की वजह से 200 अंकों पर संकट मंडरा रहा है। नगर निगम ने अब तक 6696 चालान काटकर 36.5 लाख रुपये की वसूली की है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों की आदतें नहीं बदली हैं।
सुपर स्वच्छ लीग
इंदौर अब 'सुपर स्वच्छ लीग' का हिस्सा है, जहाँ खिताब बरकरार रखने के लिए केवल सफाई ही नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में परिवर्तन (Behavioral Change) ही एकमात्र सहारा है। इंदौर के 'छप्पन दुकान' और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में अभी भी सार्वजनिक स्थानों पर थूकने (Red Spots) और गंदगी फैलाने के मामले सामने आ रहे हैं।
नगर निगम की सख्ती
स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के मद्देनजर नगर निगम बेहद सख्त हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि "नो थू-थू" अभियान और "रेड स्पॉट" क्लीन-अप ड्राइव के जरिए शहर को दाग-मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है। 36.5 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन कोई ढील नहीं देना चाहता।
व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता
सर्वेक्षण के नए मानदंडों के अनुसार, केवल कूड़ा उठाना काफी नहीं है। अब शहरवासियों के व्यवहार को भी परखा जा रहा है। यदि नागरिक सार्वजनिक स्थानों पर थूकना और कचरा फेंकना बंद नहीं करते हैं, तो इंदौर को मिलने वाले अंकों में 200 नंबरों की बड़ी कटौती हो सकती है, जो इसे टॉप रैंकिंग से बाहर कर सकती है। इंदौरियों के लिए अब यह प्रतिष्ठा का प्रश्न है कि वे अपनी पुरानी आदतों को छोड़कर शहर को फिर से नंबर वन बनाने में सहयोग दें।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/villager-killed-in-tiger-attack-in-bandhavgarh-dead-tiger-found-in-kanha/182714
बांधवगढ़ में बाघ के हमले से ग्रामीण की मौत, कान्हा में नर बाघ का शव मिला