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बंद मकानों को निशाना बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार

औरंगाबाद में अंतरजिला शातिर चोर गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, कई चोरी की वारदातों का खुलासा

औरंगाबाद के कंचनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरजिला चोरी गिरोह के सदस्य उपेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ बिहार और झारखंड के कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।

औरंगाबाद में अंतरजिला शातिर चोर गिरोह का सदस्य गिरफ्तार कई चोरी की वारदातों का खुलासा

Inter-District Theft Gang Member Arrested in Aurangabad, Multiple Cases Likely Solved |

औरंगाबाद (बिहार)। कचंनपुर पुलिस ने मकानों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतर जिला शातिर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। इसकी गिरफ्तारी से चोरी की कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। फिलहाल, पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फ़ोन बरामद किया गया है। इसके खिलाफ बिहार-झारखंड के विभिन्न थानों में डकैती के कई कांड दर्ज है।

सामान चोरी होने की रिपोर्ट 8 जून को दर्ज

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान गया जिले के आमस थाना क्षेत्र के लेबुआ निवासी उपेन्द्र चौधरी के रूप में हुई है। इसकी गिरफ्तारी बिश्रामपुर गांव निवासी सत्या चौधरी उर्फ गणेश चौधरी की शिकायत के बाद हुई। सत्या चौधरी ने अपने घर से कपड़े, जेवरात और अन्य सामान चोरी होने की रिपोर्ट 8 जून को दर्ज कराई थी। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह बिश्रामपुर में एक बंद मकान की दीवार कूदकर प्रवेश किया था। जहां कमरों के ताले तोड़े और लोहे के बक्सों व अलमारी से सोने-चांदी के ज़ेवर, कई जरुरी सामान व नकद रूपये चुराया था।

गांव में लोगों की आवाजाही बढ़ने पर सामान लेकर फरार

चोरी के दौरान गांव में लोगों की आवाजाही बढ़ने पर वे सामान लेकर फरार हो गया। इसका अपराधिक इतिहास रहा है। इसके खिलाफ गया जिले के बाराचट्टी, आमस, गुरारू, मुफस्सिल एवं औरंगाबाद जिले के कंचनपुर, अंबा, बारूण में आराधिक मामले दर्ज है। इसके अलावा झारखंड राज्य के पलामू जिला अंतर्गत नवाडीह थाना से चोरी के कांड में जेल जा चुका है।

विशेष रूप से बरसात और अंधेरी रातें मेंदेते थे वारदात को अंजाम

कंचनपुर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त का एक अंतर जिला गिरोह है। पूछताछ में कई कांडों का खुलासा किया है। उसने बताया कि इसका गिरोह अक्सर बंद और बाहरी मकानों को निशाना बनाते थे। चोरी के लिए वह विशेष रूप से बरसात की रातें और अंधेरी रातें चुनते थे और वारदात को अंजाम देते थे। आवश्यक कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया।

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