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जंतर-मंतर से हटे बैरिकेड्स, बदले नियम

जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं, दिल्ली पुलिस ने हटाए बैरिकेड्स

दिल्ली के प्रसिद्ध जंतर-मंतर से आने-जाने पर लगी पाबंदियां हटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली पुलिस ने इलाके में लगे बैरिकेड्स हटा दिए हैं।

जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं दिल्ली पुलिस ने हटाए बैरिकेड्स

Jantar Mantar No Longer a Protest Site, Barricades Removed |

नई दिल्ली: दिल्ली के प्रसिद्ध जंतर-मंतर से आने-जाने पर लगी पाबंदियां हटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली पुलिस ने इलाके में लगे बैरिकेड्स हटा दिए हैं। पुलिस कमिश्नर ने जंतर-मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का आदेश दिया था। बैरिकेड्स हटाने की कार्रवाई कई महीनों से लागू पाबंदियों के बाद हुई है। जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक प्रदर्शनों और जन आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। हालांकि, यहां लगातार लगने वाले बैरिकेड्स और आवाजाही पर प्रतिबंध को लेकर स्थानीय लोगों ने परेशानी जताई थी। इस मामले में लोगों ने अदालत का भी रुख किया था। अब जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं माना जाएगा। बैरिकेड्स हटने से इलाके में आवाजाही आसान होने और स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रदर्शन के लिए तीन वैकल्पिक जगहें तय

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन आयोजित करने के लिए दूसरी जगहें निर्धारित की हैं। इनमें सेंट्रल दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तर-पश्चिम दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का फैसला मुख्य रूप से केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की एक समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह निर्णय ट्रैफिक में रुकावट, भीड़ प्रबंधन और आम लोगों, सरकारी कार्यालयों तथा आपातकालीन सेवाओं पर प्रदर्शनों के असर को ध्यान में रखते हुए लिया गया। पुलिस ने कहा कि जमीनी हालात में आए बदलाव भी इस फैसले का आधार रहे हैं।

MHA की समिति ने सुझाए थे वैकल्पिक स्थल

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती देते हुए पत्रकार स्वाति सिंह ने याचिका दायर की है। इस पर दाखिल जवाबी हलफनामे में दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने कहा कि यह दावा गलत है कि जंतर-मंतर को सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के एमए बेबी मामले में दिए गए आदेश के अनुसार सूची से हटाया गया। पुलिस ने बताया कि अधिसूचित प्रदर्शन स्थलों में बदलाव का प्रस्ताव काफी समय से दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के विचाराधीन था। गृह मंत्रालय ने 26 अगस्त को एक समिति गठित की थी। समिति को यह जांचने की जिम्मेदारी दी गई थी कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल बनाए रखना उचित है या नहीं। साथ ही, उसे प्रदर्शन के लिए दूसरी जगहों का सुझाव भी देना था। समिति ने सेंट्रल दिल्ली में रामलीला मैदान, पूर्वी दिल्ली में CBD ग्राउंड और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में बुराड़ी मैदान को वैकल्पिक स्थलों के रूप में चिन्हित किया।

हर साल 1,300 से ज्यादा प्रदर्शन होने का दावा

दिल्ली पुलिस ने हलफनामे में बताया कि जंतर-मंतर पर हर साल 1,300 से अधिक प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जबकि इसकी अनुमानित क्षमता केवल 1,500 लोगों की है। पुलिस के अनुसार, यहां बड़ी भीड़ जुटने से अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही प्रभावित होती है। इसके अलावा, भीड़ के जनपथ और कनॉट प्लेस की ओर बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन में मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।

(ANI)

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