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टूटी सड़कें-चोक नालियां बनीं मुसीबत

विकास के दावों की पोल खोलती करियाणा गांव की बदहाल तस्वीर, टूटी सड़कें, चोक नालियां और पसरी गंदगी से ग्रामीण परेशान

डूंगरपुर: जिले के सागवाड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली करियाणा ग्राम पंचायत में विकास के तमाम दावे कागजी साबित हो रहे हैं।

विकास के दावों की पोल खोलती करियाणा गांव की बदहाल तस्वीर टूटी सड़कें चोक नालियां और पसरी गंदगी से ग्रामीण परेशान

Kariyana Village Struggles With Broken Roads, Clogged Drains |

डूंगरपुर {राजस्थान}: जिले के सागवाड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली करियाणा ग्राम पंचायत में विकास के तमाम दावे कागजी साबित हो रहे हैं। गांव की बदहाल सड़कें, टूटी हुई नालियां और जगह-जगह पसरी गंदगी ने यहां के बाशिंदों का जीना मुहाल कर दिया है। मुख्य मार्गों की जर्जर स्थिति इस बात की गवाही दे रही है कि जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीण विकास के प्रति कितने गंभीर हैं। स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण उत्थान की योजनाओं के बीच करियाणा पंचायत की यह हकीकत व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा रही है।

मसार फला मार्ग की स्थिति सबसे दयनीय

ग्राम पंचायत के मसार फला की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। इस मार्ग पर फैली गंदगी और जलभराव के कारण यहां के स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि इस एक ही मार्ग पर निर्भर 40 से अधिक परिवारों को रोजाना नारकीय हालातों से दो-चार होना पड़ता है। ग्रामीणों का दर्द है कि मानसून के दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।

टूटी नालियों और कचरे से बीमारियों का खतरा

गांव के विभिन्न हिस्सों में नालियां टूटने के कारण गंदा पानी सड़कों पर खुलेआम बह रहा है। इसके अलावा जगह-जगह लगे कचरे के ढेर और गंदगी से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है। सरकार के स्वच्छता अभियानों के बावजूद धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

प्रशासन और पंचायत अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत स्तर पर गुहार लगाई और संबंधित प्रशासक व ग्राम विकास अधिकारी को अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले की इस उदासीनता के चलते समस्याओं का स्थायी समाधान दूर की कौड़ी साबित हो रहा है।

ग्रामीणों की दो-टूक, जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन

लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बन रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब फूटने लगा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला एवं पंचायत प्रशासन से तत्काल प्रभाव से गांव की टूटी सड़कों की मरम्मत करवाने, क्षतिग्रस्त नालियों को दुरुस्त करने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

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