नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर वेणुगोपाल ने भाजपा को घेरा, नामांकन वापस न लेने का ऐलान। पढ़ें पूरी खबर।
अलाप्पुझा (केरल)। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इसे भाजपा की 'सत्तावादी राजनीति' करार देते हुए साफ कर दिया कि उम्मीदवार का नामांकन वापस नहीं लिया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि यह गिरफ्तारी ममता बनर्जी की TMC द्वारा मिलन प्रधान को समर्थन देने के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद हुई है।
वेणुगोपाल ने भाजपा पर साधा निशाना
केरल के अलप्पुझा में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "बंगाल में जो हो रहा है वह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। उपचुनाव में हमारा उम्मीदवार नामांकन वापस नहीं लेगा। हम इसके खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे। भाजपा से देशभर में लड़ने वाली कांग्रेस है, CPI(M) नहीं। देश में बुनियादी लोकतंत्र भी नहीं बचा है। जो लोग आवाज उठाते हैं, उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है, और देश को 'बनाना रिपब्लिक' में बदला जा रहा है।"
नंदीग्राम को आंदोलन बनाने का ऐलान
वेणुगोपाल ने इस मामले को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक 'काला अध्याय' बताते हुए आगे कहा, "नंदीग्राम भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय है। अगर उम्मीदवार की हत्या भी हो जाए, तो भी नामांकन वापस नहीं लिया जाएगा। वही उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा। हम नंदीग्राम के मुद्दे को राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बदल देंगे। चुनाव आयोग ने इस मामले पर एक शब्द भी नहीं कहा है। जब तक हम जिसे भाजपा की सत्तावादी राजनीति मानते हैं, वह खत्म नहीं होती, कांग्रेस कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। 2029 में हम भाजपा को हराएंगे।"
गिरफ्तारी की टाइमिंग ने बढ़ाया विवाद
गौरतलब है कि यह विवाद 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले भड़का है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया, और यह गिरफ्तारी ममता बनर्जी के गुट वाली TMC द्वारा उन्हें समर्थन देने के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद हुई है। इस टाइमिंग ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर जताया विरोध
कांग्रेस के तमाम नेता इस गिरफ्तारी की निंदा करते हुए एकजुट नजर आए हैं और सभी ने उपचुनाव में जीत का भरोसा जताया है। यह सीट सुवेंदु अधिकारी के नंदीग्राम छोड़ने के बाद खाली हुई थी। 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद अधिकारी ने भबानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम छोड़ दिया। अब इस सीट पर भाजपा ने हसीरानी राठ को, कांग्रेस ने मिलन प्रधान को, और सीपीआई ने शांति गोपाल गिरी को मैदान में उतारा है। नंदीग्राम और रेजीनगर के साथ-साथ असम के नागांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं, जबकि सभी सीटों की मतगणना 9 अक्टूबर को तय है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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