बांदा में लगातार बारिश के बीच केन और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है, हालांकि दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे हैं।
बांदा (उत्तर प्रदेश)। बारिश के बीच बांदा में केन और यमुना नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। दोनों नदियां मंगलवार दोपहर 12 बजे बढ़ाव पर दर्ज की गईं। हालांकि अभी दोनों खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ गई है।
केन नदी बढ़ी, 96.19 मीटर पहुंचा जलस्तर
भूरागढ़ गेज स्थल पर केन नदी का जलस्तर 96.19 मीटर दर्ज किया गया। नदी लगातार बढ़ रही है। केन का चेतावनी स्तर 103 मीटर और खतरे का निशान 104 मीटर है। नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 113.29 मीटर दर्ज है।
यमुना भी बढ़ाव पर, चिल्लाघाट में 90.83 मीटर
चिल्लाघाट गेज स्थल पर यमुना का जलस्तर 90.83 मीटर पहुंच गया है। यमुना भी बढ़ाव पर है। यहां चेतावनी स्तर 99 मीटर और खतरे का निशान 100 मीटर है। यमुना का उच्चतम बाढ़ स्तर 105.16 मीटर है।
हर घंटे बदल सकती है तस्वीर, प्रशासन की नजर
केन और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों की नजर अब पानी के बढ़ते स्तर पर टिकी है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन लगातार बढ़ाव को देखते हुए प्रशासनिक निगरानी बेहद अहम हो गई है।
नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की अपील
नदी किनारे बसे लोगों से सावधानी बरतने, बच्चों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को सूचना देने की अपील की जाती है।
यह भी पढ़ें: झालावाड़ पुलिस का ‘नया सवेरा’ अभियान: कंजर समुदाय के 2 हजार लोगों ने अपराध छोड़ने की ली शपथ