प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

जिगाजिनगी को खड़गे का पलटवार

आरएसएस विवाद पर प्रियांक खड़गे का पलटवार, बोले- 'अंबेडकर के रास्ते पर चलता हूं, किसी धमकी से नहीं घबराऊंगा'

आरएसएस को लेकर दिए गए अपने बयान पर जारी राजनीतिक विवाद में कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनगी को जवाब दिया है।

आरएसएस विवाद पर प्रियांक खड़गे का पलटवार बोले- अंबेडकर के रास्ते पर चलता हूं किसी धमकी से नहीं घबराऊंगा

PriyankKharge |

बेंगलुरु (कर्नाटक)। आरएसएस को लेकर दिए गए अपने बयान पर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनगी को जवाब देते हुए कहा कि वह डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों में विश्वास रखते हैं और किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार

प्रियांक खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है और वह संविधान द्वारा प्रदत्त इस अधिकार का उपयोग करते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर हमला करना नहीं, बल्कि वैचारिक मुद्दों पर अपनी बात रखना था।

जिगाजिनगी ने खड़गे के बयान की आलोचना

खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर निशाना साधा था। भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनगी ने भी उनके बयान की आलोचना करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इसके जवाब में खड़गे ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन असहमति को धमकियों के जरिए दबाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।

डॉ. अंबेडकर के विचारों से प्रेरित

उन्होंने कहा, “मैं डॉ. अंबेडकर के विचारों से प्रेरित हूं। संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी बात कहना मेरा अधिकार है। मैं किसी भी तरह के दबाव या धमकी से डरने वाला नहीं हूं।”

भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया आरोप

इस बीच भाजपा ने कांग्रेस पर आरएसएस और उसके कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि संघ देश की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और उसके खिलाफ की गई टिप्पणियां अनुचित हैं।

कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी बयानबाजी 

कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच जारी इस बयानबाजी ने कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर वैचारिक बहस को तेज कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है, क्योंकि दोनों दल इसे अपने-अपने समर्थकों के बीच प्रमुख मुद्दे के रूप में पेश कर रहे हैं।

यह भी पढ़ेंः कर्नाटक एमएलसी चुनाव में 5 सीटों की जीत के साथ कांग्रेस का दबदबा

Related to this topic: