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भूमि विवाद पर एसपी से न्याय की गुहार

भूमि विवाद और फर्जी रजिस्ट्री का आरोप, समाधान दिवस पर पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

चंदौली में भूमि विवाद और फर्जी रजिस्ट्री का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने समाधान दिवस के दौरान एसपी से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

भूमि विवाद और फर्जी रजिस्ट्री का आरोप समाधान दिवस पर पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

Land Dispute and Alleged Forged Property Registry Raised Before SP |

चंदौली,(उत्तर प्रदेश)। शनिवार को मुगलसराय कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस के दौरान पथरा वार्ड निवासी मो. जाफर अंसारी उर्फ जाफर अली ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कथित भूमाफिया शालिग्राम तिवारी एवं उनकी फर्म शुभम इंटरप्राइजेज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विपक्षी ने तीन बिस्वा भूमि का एग्रीमेंट कराया, लेकिन छल-कपट और कथित जालसाजी के जरिए सात बिस्वा भूमि की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली।

भुगतान की राशि के चेक बैंक में बाउंस 

जाफर अंसारी का कहना है, कि भूमि के बदले उन्हें केवल 50 हजार रुपये बयाने के रूप में दिए गए, जबकि तय की गई करीब 25 लाख 43 हजार रुपये की शेष धनराशि आज तक नहीं दी गई। पीड़ित ने आरोप लगाया, कि भुगतान के लिए दिए गए कई चेक बैंक में लगाने पर पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गए। इसके बावजूद विपक्षी ने विवादित भूमि का दाखिल-खारिज भी करा लिया और कथित रूप से भूमि के कुछ हिस्से अन्य लोगों को बेच दिए।

तीन बिस्वा जमीन की जगह लिखवाई सात बिस्वा जमीन 

समाधान दिवस के दौरान जाफर अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरा नाम जाफर अंसारी है। शालिग्राम तिवारी ने तीन बिस्वा जमीन का एग्रीमेंट कराया था, लेकिन बाद में सात बिस्वा जमीन लिखवा ली। इसके बदले जो चेक दिए, उन्हें बैंक में लगाया तो पैसा नहीं मिला और चेक बाउंस हो गया। जब भी पैसा मांगने जाता हूं तो आज-कल कहकर टालते हैं। विरोध करने पर अपने लोगों से मारपीट भी करवाई। मैं चाहता हूं, कि शालिग्राम तिवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।

पीड़ित परिवार दुलहीपुर में रहने को मजबूर

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है, कि भुगतान की मांग करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी तथा अपने सहयोगियों के साथ मारपीट कर अपहरण का प्रयास भी किया। भय के कारण पीड़ित परिवार फिलहाल दुलहीपुर में रहने को मजबूर है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है, कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, बकाया 25.43 लाख रुपये दिलाए जाएं तथा कथित फर्जी रजिस्ट्री निरस्त कर अवैध कब्जा हटाकर भूमि वापस दिलाई जाए।

सीओ ने मामले की जांच के दिए आदेश

मामले में क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  फिलहाल पुलिस एवं राजस्व विभाग शिकायत के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। 

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