महू। महू और सांवेर क्षेत्रों में तेंदुए के आतंक से दहशत का माहौल है। शनिवार सुबह दो अलग-अलग घटनाओं में...
महू। महू और सांवेर क्षेत्रों में तेंदुए के आतंक से दहशत का माहौल है। शनिवार सुबह दो अलग-अलग घटनाओं में तेंदुए ने ग्रामीणों पर जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने अदम्य साहस दिखाते हुए तेंदुए का मुकाबला किया और अपनी जान बचाने में सफल रहे।
झाड़ी में छिपा था तेंदूआ
सांवेर (लसूड़िया इलाका) में एक युवक अपने खेत में काम कर रहा था, तभी अचानक झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। युवक ने घबराने के बजाय शोर मचाया और हाथ में जो भी आया उससे अपना बचाव किया। शोर सुनकर आसपास के किसान भी दौड़ पड़े, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। युवक के चेहरे और हाथों पर गहरे जख्म आए हैं। महू वन परिक्षेत्र में दूसरी घटना घटी। यहां एक ग्रामीण अपने मवेशियों के साथ था। तेंदुए के हमले के दौरान ग्रामीण ने अपनी लाठी से तेंदुए का डटकर मुकाबला किया। संघर्ष के दौरान ग्रामीण बुरी तरह घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वन विभाग कर रहा सर्च ऑपरेशन
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए प्रभावित इलाकों में ट्रैप कैमरे लगाए हैं और पिंजरा भी तैनात कर दिया है।
ग्रामीणों में खौफ का माहौल
इन लगातार दो घटनाओं के बाद महू और सांवेर के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत है। लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महू के आसपास पहले भी तेंदुए कई बार हमला कर चुके हैं, लेकिन इस बार तेंदुए की सक्रियता आबादी वाले क्षेत्रों के काफी करीब देखी जा रही है।
पगचिन्हों के आधार पर लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास
वन परिक्षेत्राधिकारी के अनुसार, विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। पगचिह्नों (Pugmarks) के आधार पर तेंदुए की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और रात के समय घरों के बाहर रोशनी रखें। घायलों का उपचार इंदौर के एमवाई (MY) अस्पताल में जारी है, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
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