ठाकुरद्वारा क्षेत्र के मलकपुर सेमली गांव में ग्रामीणों के बीच दहशत का कारण बना खूंखार तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया।
मुरादाबाद {उत्तर प्रदेश}: ठाकुरद्वारा क्षेत्र के मलकपुर सेमली गांव में ग्रामीणों के बीच दहशत का कारण बना खूंखार तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुआ पकड़े जाने की खबर मिलते ही इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
तेंदुए के हमले से फैली थी दहशत
बताया जा रहा है कि डिलारी क्षेत्र में पिछले दिनों तेंदुए की लगातार गतिविधियां सामने आ रही थीं। इसी दौरान तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हमले की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया था। लोग खेतों और जंगल की ओर जाने से भी बच रहे थे।
वन विभाग ने चलाया सर्च अभियान
तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी और सर्च अभियान चला रही थी। टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाया था। लगातार निगरानी और प्रयासों के बाद तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया।
तेंदुआ पकड़े जाने से ग्रामीणों को राहत
तेंदुआ पकड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से तेंदुए की दहशत के कारण लोगों में डर का माहौल बना हुआ था। हालांकि, इलाके में लगातार तेंदुओं की मौजूदगी ने वन विभाग और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
एक सप्ताह में तीसरा तेंदुआ पकड़ा गया
खास बात यह है कि बीते एक सप्ताह के भीतर यह लगातार तीसरा तेंदुआ है, जिसे वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया है। लगातार तेंदुओं के पकड़े जाने से यह भी साफ है कि क्षेत्र में वन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं और तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई को सराहा
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर राहत जताई है। लोगों को उम्मीद है कि तेंदुए के पकड़े जाने से इलाके में बनी दहशत कम होगी और जल्द ही ग्रामीण सामान्य रूप से अपने रोजमर्रा के काम कर सकेंगे।
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