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पेट्रोल पंपों पर डीजल वितरण की सीमा तय

खेती के समय में डीजल पर लगी सीमा, अब कैसे चलेगा खेती का काम?

प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर डीजल वितरण की सीमा तय कर दी गई है।

खेती के समय में डीजल पर लगी सीमा अब कैसे चलेगा खेती का काम

Madhya Pradesh: Diesel Supply Cap During Sowing Season Raises Concerns Over Farming Operations |

उमरिया, (मध्य प्रदेश)।  जिले में डीजल आपूर्ति को लेकर स्थिति लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर प्रशासन जिले में डीजल और पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में किसानों और वाहन चालकों को डीजल प्राप्त करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल वितरण की सीमा तय किए जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह समय कृषि कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

 पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए लम्बी लाइन

अमरपुर क्षेत्र के महरोई-पड़वार मार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप पर सोमवार को बड़ी संख्या में किसान डीजल भरवाने पहुंचे। यहां ट्रैक्टरों और कृषि कार्य में उपयोग होने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पंप परिसर में करीब 50 से अधिक ट्रैक्टर एवं कल्टीवेटर डीजल लेने के लिए खड़े रहे। कई किसानों को अपनी बारी आने तक घंटों इंतजार करना पड़ा।

अधिकतम दो हजार रुपये तक का ही डीजल दे रहे पंप संचालक

किसानों का आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालक द्वारा प्रत्येक वाहन को अधिकतम दो हजार रुपये तक का ही डीजल दिया जा रहा है। उनका कहना है कि क्षेत्र के कई अन्य पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध नहीं होने अथवा सीमित मात्रा में मिलने के कारण आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान इसी पंप पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।

कम डीजल से खेती हो रही प्रभावित

कृषकों का कहना है कि वर्तमान समय में खेतों की जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्य तेजी से चल रहे हैं। ट्रैक्टरों और कृषि यंत्रों के संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है। यदि इसी प्रकार सीमित मात्रा में डीजल मिलता रहा तो कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। किसानों ने यह भी कहा कि एक ट्रैक्टर की दैनिक आवश्यकता कई बार दो हजार रुपये से अधिक डीजल की होती है, ऐसे में बार-बार पंप के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पेट्रोल पंप पर सुबह से ही लगी हैं लंबी कतारें

पेट्रोल पंप पर सुबह से ही भीड़ का माहौल बना रहा। कई किसानों ने बताया कि डीजल मिलने की अनिश्चितता के कारण वे जल्द से जल्द ईंधन भरवाना चाहते हैं, जिससे कतारें और लंबी होती जा रही हैं। कुछ किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

जिले में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्धः विभाग

इधर, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के खाद्य अधिकारी रोहित सिंह ने जिले में किसी भी प्रकार की डीजल या पेट्रोल की कमी होने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और विभाग द्वारा नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है। उनके अनुसार आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है तथा जरूरत के अनुसार ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।

कृषि कार्य हो रहा प्रभावित

हालांकि प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा है। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें और किसानों की बढ़ती चिंता यह संकेत दे रही हैं कि आपूर्ति व्यवस्था को लेकर स्थिति की गंभीरता से समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि डीजल वितरण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों और किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।


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