पूर्व सैनिक ने आरोप लगाया कि कथित कमांडो रीवा और आसपास के क्षेत्रों में भूमाफियाओं के साथ मिलकर अवैध तरीके से जमीनों की खरीद-फरोख्त और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के खेल में लिप्त है।
रीवा : देश की सरहद पर रहकर भारत माता की रक्षा करने वाले एक पूर्व सैनिक त्योंथर से रीवा आकर प्रशासन और एक कथित फौजी पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। त्योंथर तहसील निवासी पूर्व सैनिक दिलीप कुमार सिंह बघेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि वर्दी की आड़ में रीवा के भीतर भूमाफियाओं और हिस्ट्रीशीटरों का एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है, जिससे उनकी और उनके परिवार की जान को खतरा है।
सेना का नहीं बल्कि चोरी का इतिहास
पत्रकारों से चर्चा करते हुए पीड़ित पूर्व सैनिक दिलीप कुमार सिंह बघेल ने बताया कि वे एक गरीब किसान के बेटे हैं और अपनी पेंशन के सहारे परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को कमांडो बताने वाले अरुण गौतम नाम के व्यक्ति का नाम और रूतबा पूरी तरह फर्जी है। पीड़ित के मुताबिक, उक्त व्यक्ति फौज की मैकेनाइज्ड रेजिमेंट का रिटायर्ड नायक है, जो गलत तरीके से अपने नाम के आगे 'कमांडो' शब्द का इस्तेमाल करता है। आरोप है कि उक्त व्यक्ति का सेना में सेवा का नहीं, बल्कि चोरी के मुकदमों का इतिहास रहा है।
जमीन कब्जाने और झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप
पूर्व सैनिक ने आरोप लगाया कि कथित कमांडो रीवा और आसपास के क्षेत्रों में भूमाफियाओं के साथ मिलकर अवैध तरीके से जमीनों की खरीद-फरोख्त और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के खेल में लिप्त है। उन्होंने एक पूर्व घटना का हवाला देते हुए कहा कि करीब 4 साल पहले सोनौरी क्षेत्र में दो बुजुर्ग ब्राह्मणों रवि तिवारी और बालकृष्ण तिवारी को एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची के जरिए पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर और झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाया गया था, जिसकी पूरी पटकथा इसी कथित कमांडो ने रची थी।
आधी रात को घर पर फिदायीन हमला, कपड़े फाड़ने का दावा
पीड़ित सैनिक दिलीप कुमार सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने इस अवैध सिंडिकेट और फर्जीवाड़े का विरोध किया, तो उनके ऊपर और उनके परिवार पर जानलेवा हमला कराया गया। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने रात के 12 बजे उनके घर पर धावा बोलकर पूरे परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की और महिलाओं के कपड़े तक फाड़ दिए। पीड़ित का कहना है कि इस बर्बरता की मेडिकल रिपोर्ट, मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज धारा 164 के बयान और आर्मी की गोपनीय रिपोर्ट उनके पास मौजूद हैं।
छह महीने से प्रताड़ित, मुख्यमंत्री से न्याय की आस
विगत छह महीनों से लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर पूर्व सैनिक ने सूबे के मुखिया डॉ. मोहन यादव से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन भूमाफियाओं के प्रभाव में आकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। पूर्व सैनिक द्वारा लगाए गए यह आरोप उनके व्यक्तिगत बयान पर आधारित हैं, जिसकी पुष्टि हमारा संस्थान नहीं करता है। मामला पूरी तरह से पुलिस जांच के अधीन है।