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ममता बनर्जी का BJP पर बड़ा आरोप

ममता बनर्जी का BJP पर बड़ा आरोप, कहा- बंगाल में TMC के 4,000 दफ्तरों पर कब्जा या लूट

ममता बनर्जी ने BJP पर बंगाल में TMC के करीब 4,000 कार्यालयों पर कब्जे या लूट का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस पर विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।

ममता बनर्जी का bjp पर बड़ा आरोप कहा- बंगाल में tmc के 4000 दफ्तरों पर कब्जा या लूट

Mamata alleges BJP कब्जा on 4,000 TMC offices in Bengal |

कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) अध्यक्ष ममता बनर्जी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में TMC के करीब 4,000 पार्टी कार्यालयों पर जबरन कब्जा किया गया या उन्हें लूटा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई, दस्तावेज और रिकॉर्ड गायब किए गए तथा फर्नीचर और पार्टी के झंडों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

4,000 कार्यालयों पर कब्जा या लूट

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गांवों और कस्बों में TMC के हजारों कार्यालयों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी के दस्तावेज, रिकॉर्ड और फाइलें चोरी की गईं और कार्यालयों में रखे फर्नीचर तक को नहीं छोड़ा गया। उन्होंने पार्टी के झंडे को राजनीतिक दल की गरिमा और सम्मान का प्रतीक बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें भी नुकसान पहुंचाया गया।

TMC के IT ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप

TMC प्रमुख ने आरोप लगाया कि बुधवार आधी रात कथित तौर पर BJP से जुड़े लोगों को पार्टी के IT कार्यालय में भेजा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि कार्यालय से कंप्यूटर क्यों ले जाए गए और आधिकारिक कागजात, दस्तावेज, रिकॉर्ड व फाइलों के साथ कथित तौर पर तोड़फोड़ क्यों की गई। बनर्जी ने दावा किया कि घटना के दौरान चार TMC कार्यकर्ता कार्यालय के अंदर फंस गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन के पास यह पूरी घटना हुई और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।

पुलिस पर भी साधा निशाना

ममता बनर्जी ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस को नागरिकों के रक्षक के रूप में काम करना चाहिए, न कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई का इस्तेमाल TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है। बनर्जी के मुताबिक, महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और युवाओं को भी कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा है।

14 हजार से ज्यादा मामले दर्ज होने का दावा

TMC अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ 14,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय, प्रेसिडेंसी और बारासात विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों और युवाओं की घटनाओं की जांच की मांग भी की। ममता बनर्जी ने मीडिया की स्वतंत्रता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों के पक्ष में रिपोर्टिंग नहीं करने वाले पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है।

चुनाव में धांधली का भी लगाया आरोप

बनर्जी ने बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अपने पुराने आरोप भी दोहराए। उन्होंने BJP और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर चुनावी प्रक्रिया में कथित तौर पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। उन्होंने SIR के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने, लोगों को डराने-धमकाने, EVM और मतगणना में कथित हेरफेर तथा केंद्रीय बलों के इस्तेमाल जैसे आरोप लगाए। हालांकि, ये ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोप हैं।

बंगाल की संस्कृति और पहचान के लिए खतरा

TMC प्रमुख ने आरोप लगाया कि BJP की कथित कार्रवाइयां बंगाल की संस्कृति, शिक्षा, परंपरा, सभ्यता और पहचान के लिए खतरा हैं। उन्होंने मतदाता सूची के संशोधन पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि योग्य मतदाताओं के नाम क्यों हटाए जा रहे हैं और विपक्षी दलों से पर्याप्त चर्चा के बिना प्रक्रिया क्यों आगे बढ़ाई जा रही है।

दिल्ली तक मार्च की दी चेतावनी

ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखेगी और राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में सरकार का रचनात्मक समर्थन भी करेगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कथित अत्याचार जारी रहे तो वह दिल्ली तक मार्च कर सकती हैं और जरूरत पड़ने पर BJP नेताओं के आवास के बाहर धरना भी दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि TMC किसी नियम का उल्लंघन नहीं करना चाहती और शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकारों के तहत अपनी बात रखना चाहती है।

न्यायपालिका और बुद्धिजीवियों से हस्तक्षेप की अपील

बनर्जी ने न्यायपालिका और देश के बुद्धिजीवियों से पश्चिम बंगाल की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कथित रूप से प्रभावित लोगों के लिए न्याय की मांग की और कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र, संविधान और न्यायपालिका का सम्मान करती है। अपने संबोधन के अंत में ममता बनर्जी ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं का उल्लेख करते हुए “जय हिंद, जय बांग्ला” के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

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