मंदसौर के पिपलियामंडी क्षेत्र में संदीप पाटीदार की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने डॉ. प्रदीप पाटीदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला 28 लाख के लेन-देन और ब्लैंक चेक से जुड़ा है।
मंदसौर (मध्य प्रदेश)। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र से जुड़ा संदीप पाटीदार मौत मामला करीब पांच महीने बाद एक बार फिर चर्चा में है। 24 मई 2026 को संदीप अपने खेत-कुएं पर बने टीनशेड में फांसी के फंदे पर मृत मिले थे। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। अब मर्ग जांच के बाद पुलिस ने डॉ. प्रदीप पाटीदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला 28 लाख रुपए के लेन-देन, ब्लैंक चेक और कथित धमकी से जुड़ा है। मृतक के परिजनों ने आर्थिक लेन-देन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं आरोपी पक्ष की ओर से भी इन आरोपों पर अपना पक्ष सामने रखा गया है। पुलिस जांच में CCTV फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल का भी उल्लेख किया गया है।
खेत-कुएं पर मृत मिले थे संदीप पाटीदार
ग्राम खोखरा निवासी 42 वर्षीय संदीप पाटीदार 24 मई की सुबह अपने खेत-कुएं पर बने टीनशेड में फांसी के फंदे पर मृत मिले थे। घटना की सूचना के बाद पिपलियामंडी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो संदीप और डॉ. प्रदीप पाटीदार के बीच आर्थिक लेन-देन की बात सामने आई। पुलिस द्वारा दर्ज FIR में डॉ. प्रदीप के कथन के आधार पर संदीप को 28 लाख रुपए दिए जाने और इसके बदले ब्लैंक चेक लिए जाने का उल्लेख किया गया है। इसी आर्थिक लेन-देन को इस पूरे मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है।
लेन-देन, ब्लैंक चेक और धमकियों के आरोप
मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, रिश्तेदारों और अन्य साक्षियों के बयान दर्ज किए। FIR में दर्ज बयानों के मुताबिक, संदीप और डॉ. प्रदीप के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद था। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि उधारी की रकम चुकाने के बाद भी अतिरिक्त रकम और ब्याज की मांग की जा रही थी। साथ ही ब्लैंक चेक के इस्तेमाल और जेल भिजवाने की धमकी दिए जाने की बात भी परिजनों ने पुलिस को बताई। हालांकि इन आरोपों पर आरोपी पक्ष ने अपना अलग पक्ष रखा है।
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