मणिपुर के सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने कांगपोक्पी में सिनाई कैंप का दौरा किया। यहां SoO समझौते के तहत फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने वाले 17 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
इम्फाल (मणिपुर)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को कांगपोक्पी जिले के खोंगबाल कुकी गांव स्थित 'सिनाई कैंप' का दौरा किया। इस कैंप पर हाल ही में संयुक्त सुरक्षा बलों ने नियंत्रण हासिल किया है, जहां कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस' (SoO) समझौते के कैडर होने का ढोंग करने वाले 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सीएम ने की सुरक्षाकर्मियों की सराहना
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर तैनात सुरक्षा बलों से बातचीत की और उनके पेशेवर काम की जमकर सराहना की। इस दौरान उनके साथ विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह भी मौजूद रहे।
मणिपुर पुलिस के मुताबिक, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और अन्य सुरक्षा बलों ने खुफिया इनपुट के आधार पर सिनाई कैंप में एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया। यह कैंप 'कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन' (KNO), 'कुकी नेशनल आर्मी' (KNA) और 'कुकी लिबरेशन आर्मी' (KLA) के लिए तय किया गया एक आधिकारिक SoO कैंप है। सुरक्षा बलों ने पहले पूरे इलाके को घेरा, फिर छापा मारकर कैंप को अपने कब्जे में लिया।
हथियारों का जखीरा बरामद
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 17 लोग फर्जी पहचान के जरिए खुद को पंजीकृत SoO कैडर बता रहे थे। जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से 8 लोग KNA और 9 लोग KLA से जुड़े होने का झूठा दावा कर रहे थे। पुलिस ने इन्हें शनिवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। सुरक्षा बलों ने कैंप से 24 हथियार, 38 मैगजीन, भारी मात्रा में गोला-बारूद, विस्फोटक, वायरलेस सेट और अन्य युद्धक सामान बरामद किया है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, इंडियन वायरलेस टेलीग्राफी एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कोर्ट ने सभी 17 आरोपियों को 31 अक्टूबर तक यानी आठ दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, उनका मेडिकल परीक्षण पूरा हो चुका है। अब यह जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में कैंप के कौन-कौन पदाधिकारी शामिल थे और हथियारों का अवैध भंडारण किस नीयत से किया गया था।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: मणिपुर में 3 मैतेई लोगों की हत्या के विरोध में 48 घंटे का बंद, आम जनजीवन प्रभावित