मुंगेर (बिहार)। बिहार से बाहर रोजी-रोटी की तलाश में जाने वाले मजदूरों के सिर पर मौत का साया लगातार मंडरा रहा है। चार दिन पहले कोलकाता में बिल्डिंग का छत गिरने से मुंगेर के तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हुई थी, वहीं अब ताजा मामला उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से सामने आया है, जहां मुंगेर के एक राजमिस्त्री की पांचवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजन सरकार से आर्थिक सहायता और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
पांचवीं मंजिल से गिरने से मजदूर की दर्दनाक मौत
बड़ा सवाल यह है, कि आखिर कब तक बिहार के मजदूर रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाकर अपनी जान जोखिम में डालते रहेंगे। जानकरी के अनुसार, मुंगेर जिला के असरगंज थाना क्षेत्र निवासी 37 वर्षीय फंटूश यादव की मौत ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-31 में निर्माणाधीन भवन पर काम करने के दौरान हो गई। बताया जा रहा है, कि फंटूश यादव राजमिस्त्री का काम करता था। काम के दौरान अचानक पांचवीं मंजिल से गिर जाने के कारण उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक फंटूश यादव, स्वर्गीय गोपी यादव का पुत्र था और परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। फंटूश यादव अपने पीछे पत्नी, एक बेटी और दो बेटों को छोड़ गया है। बच्चों में अंकुश कुमार, आरती कुमारी और अभिषेक कुमार शामिल हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जैसे ही मृतक का शव असरगंज स्थित सती स्थान गांव पहुंचा, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
सरकार से मृतक के परिवार के लिए मुआवजा की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिहार में रोजगार के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण मजदूरों को दूसरे राज्यों में जाकर जोखिम भरे काम करने पड़ते हैं। लेकिन वहां उनकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि आखिर कब तक बिहार के मजदूर अपनी जान हथेली पर रखकर परदेस में मजदूरी करने को विवश रहेंगे।
यह भी पढ़ेंः बैतूल ओवरब्रिज पर मिला अज्ञात युवक का शव, हादसा या कुछ और?