पटना के चक बैरिया में पेंट मैन्युफैक्चरिंग हाउस में भीषण आग से कच्चा माल और तैयार सामान जल गया। 50 लाख से अधिक नुकसान की आशंका है, जबकि कारण और वास्तविक नुकसान की जांच जारी है।
पटना (बिहार)। गोपालपुर थाना क्षेत्र के चक बैरिया में मंगलवार को एक पेंट मैन्युफैक्चरिंग हाउस में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा परिसर इसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और धुआं दूर तक दिखाई दे रहा था।
आग में कच्चा माल और तैयार सामान जलकर राख, 50 लाख से अधिक नुकसान की आशंका
आग में मैन्युफैक्चरिंग हाउस में रखा कच्चा माल, तैयार सामान और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक 50 लाख रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जांच और निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग हाउस को करीब दो महीने पहले ही चक बैरिया में स्थानांतरित किया गया था। आग इतनी भीषण थी कि परिसर में लगा बोर्ड और अन्य पहचान संबंधी सामग्री भी जल गई, जिसके कारण फिलहाल कंपनी का नाम स्पष्ट नहीं हो सका है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, हाल में आया 50 लाख का कच्चा माल भी जला
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, लेकिन पुलिस और अग्निशमन विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एक मजदूर के अनुसार, सोमवार को ही करीब 50 लाख रुपये का कच्चा माल मैन्युफैक्चरिंग हाउस में लाया गया था, जो आग की चपेट में आकर नष्ट हो गया। ऐसे में नुकसान का आंकड़ा शुरुआती अनुमान से अधिक होने की आशंका है।
12 दमकल गाड़ियों ने बुझाई आग, रास्ते में मालिक की तबीयत बिगड़ी
सूचना मिलते ही गोपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए करीब 12 दमकल गाड़ियों को लगाया गया। दमकलकर्मी काफी देर तक आग पर काबू पाने में जुटे रहे। इधर, आग की जानकारी मिलने पर मैन्युफैक्चरिंग हाउस के मालिक घटनास्थल के लिए रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस होने की बात सामने आई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी बताया जा रहा है।
आग के कारण और नुकसान के आकलन में जुटी पुलिस-फायर टीम
पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम घटना के कारणों और नुकसान का आकलन करने में जुटी है। कंपनी के मालिक या प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण और कुल आर्थिक नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।