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वाराणसी में मांस बिक्री प्रतिबंधित

नवरात्रि के दौरान वाराणसी में मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध, काशी विश्वनाथ धाम के पास रहेगा कड़ा पहरा

नवरात्रि के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए वाराणसी नगर निगम ने काशी विश्वनाथ धाम और शहर के अन्य हिस्सों में मांस व मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

नवरात्रि के दौरान वाराणसी में मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध काशी विश्वनाथ धाम के पास रहेगा कड़ा पहरा

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वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। नवरात्रि के दौरान वाराणसी में सभी मांस और मछली की दुकानें बंद रहेंगी। नगर निगम ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया है।

19 से 26 अक्टूबर तक मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध

19 से 26 अक्टूबर तक मांस और मछली की बिक्री और कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, नवरात्रि उत्सव के दौरान, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है। ऐसे में शहर में सभी मांस, मछली और मुर्गी की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसका कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसी क्रम में, सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे गहन अभियान चलाकर आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ

इसके साथ ही, भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर, सरकार ने वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित होने वाले भव्य 'एरियल डिस्प्ले-2026' को 'राज्य स्तरीय कार्यक्रम' घोषित किया है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी है। 22, 23 और 25 अक्टूबर को होने वाले इस ऐतिहासिक वायु प्रदर्शन के मद्देनजर, नामो घाट के 20 से 30 किलोमीटर के दायरे में लड़ाकू विमानों की सुरक्षा और 'बर्ड-हिट' की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

नदी के गहरे जलक्षेत्रों में प्रभावी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड

गंगा घाटों पर भारी भीड़ को देखते हुए, नदी के गहरे जलक्षेत्रों में प्रभावी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं, और संवेदनशील सड़कों पर अवरोध लगाए जाएंगे ताकि दर्शक अनियंत्रित रूप से गहरे पानी में न उतरें। इसके अलावा, पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में मोबाइल शौचालय स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और नगर प्रशासन इस भव्य आयोजन को पूरी तरह से सुरक्षित, सुचारू और ऐतिहासिक बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।

(इनपुट: ANI)

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