महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे ने ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब चालकों को यात्रियों से अभद्र व्यवहार करने और हिंदी में बात करने पर जोर देने के खिलाफ चेतावनी दी।
नागपुर: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता अमित ठाकरे ने गुरुवार को ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को यात्रियों को परेशान करने या केवल हिंदी में बात करने पर जोर देने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि अभद्र व्यवहार करने वालों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। MNS नेता की यह प्रतिक्रिया महाराष्ट्र सरकार द्वारा गुरुवार को ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब चालकों को एक साल में बुनियादी मराठी सीखने का समय दिए जाने के बाद आई है।
हिंदी में बात करने पर कार्रवाई की धमकी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चालक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अधिक समय मांगा था, क्योंकि इस क्षेत्र में विभिन्न आयु और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के लोग काम करते हैं। ठाकरे ने कहा कि अगर ऑटो-रिक्शा चालकों द्वारा हिंदी में बात करने या यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतें मिलती हैं तो MNS कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, अगर हमें पता चलता है कि कोई ऑटो-रिक्शा चालक हिंदी में बात कर रहा है या अभद्र व्यवहार कर रहा है, तो हम उसकी पिटाई करेंगे। अगर आप लोगों को परेशान करेंगे, तो आपकी पिटाई होगी। लोगों को यह मत कहो कि उन्हें उत्तर प्रदेश की भाषा या हिंदी बोलनी है। हम मराठी में बात करेंगे। आप इतना तो समझ ही गए होंगे।
मराठी भाषा के मुद्दे पर ठाकरे ने CM फडणवीस पर साधा निशाना
ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर कार्यात्मक मराठी सीखने के लिए एक साल का विस्तार देने के कथित फैसले को लेकर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों से संबंधित राजनीतिक हितों को मराठी भाषा से ऊपर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, उन्हें 10 साल का विस्तार दीजिए। उन्हें 15 साल का विस्तार दीजिए। हम समझ चुके हैं कि आपको मराठी भाषा और हमारे राज्य से कितना लगाव है।
यूपी चुनाव को लेकर फडणवीस पर ठाकरे का निशाना
इसके साथ ही कहा कि आप गुजरात, पंजाब या दक्षिण प्रदेश जाईए। हर जगह अपनी भाषा से लगाव है। अब, क्योंकि यूपी चुनाव आ रहे हैं, आप एक साल का विस्तार दे रहे हैं। फडणवीस के रुख पर सवाल उठाते हुए एमएनएस नेता ने कहा, आप किस तरह की हताशा में आ गए हैं कि हमें अपनी भाषा और अपने राज्य को दरकिनार कर देना चाहिए? मुख्यमंत्री होने के नाते आपको कहीं न कहीं तो स्टैंड लेना चाहिए। मुझे यह पसंद नहीं आया।
मराठी भाषा के मुद्दे पर भाजपा-शिवसेना मतभेदों को लेकर ठाकरे का निशाना
मराठी भाषा के मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के बीच कथित मतभेदों पर ठाकरे ने कहा कि दोनों पार्टियों को अपने आंतरिक मतभेदों के बारे में खुद ही सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, कहीं न कहीं शिवसेना मराठी भाषा के लिए खड़ा होना चाहती है, लेकिन दूसरे राज्य में चुनाव होने के कारण इसका विरोध हो रहा है।
(इनपुट: ANI)
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