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ग्रामीण संपत्ति का मुफ्त रजिस्ट्रेशन शुरू

मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक पहल: ग्रामीण इलाकों में 50 लाख निजी संपत्तियों का मुफ्त रजिस्ट्रेशन शुरू

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी नेताओं ने 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026' का शुभारंभ किया। अब ग्रामीण क्षेत्रों में 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री होगी।

मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक पहल ग्रामीण इलाकों में 50 लाख निजी संपत्तियों का मुफ्त रजिस्ट्रेशन शुरू

MP CM Mohan Yadav and BJP national president Nitin Nabin launching Swamitva Yojana |

इंदौर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इंदौर के गांधी नगर ग्राउंड से 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026' का शुभारंभ कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाया गया है। इस दौरान कई लाभार्थियों को उनकी संपत्तियों के मुफ्त रजिस्ट्रेशन के कानूनी दस्तावेज भी सौंपे गए।

इस वृहद अभियान के तहत राज्य के ग्रामीण इलाकों में लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा। इस नीतिगत फैसले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्तियों का पुख्ता कानूनी हक और सुरक्षित मालिकाना हक दिलाना है, जिससे गांवों में भूमि विवादों पर लगाम लगेगी और प्रशासनिक सुशासन को मजबूती मिलेगी।

एक महीने तक चलेगा विशेष अभियान, घर-घर पहुंचेंगे पटवारी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक महीने तक चलने वाला महा-अभियान राज्य के सभी 55 जिलों को कवर करेगा। इस दौरान पटवारी खुद घर-घर जाकर संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाएंगे। सीएम यादव ने स्पष्ट किया, "राज्य के सभी 55 जिलों में, यदि किसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत या अपना कोई निजी मकान बनाया है, तो ऐसे सभी मकानों के रजिस्ट्रेशन के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। पटवारी घर-घर जाकर संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन सुगम बनाएंगे।"

जमीन नहीं, पूर्वजों की यादों और विरासत का है दस्तावेज

मुख्यमंत्री ने इस योजना के भावनात्मक और सामाजिक पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि जमीन का यह टुकड़ा केवल मिट्टी भर नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों के संघर्ष और भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने आगे कहा, "यह रजिस्ट्रेशन और यह जमीन का टुकड़ा महज एक जमीन नहीं है; आपका घर, आपका खेत और आपकी गृहस्थी आपके दिल का टुकड़ा है, जो जीवन से भी अधिक कीमती है। हम अपने पिता और पूर्वजों के समय से वहां अपना घर बसाते आ रहे हैं। ऐसी जगहों से हमारा गहरा भावनात्मक जुड़ाव होता है। आज हमें उसी भावना का सम्मान करने का अवसर मिला है। आपको अधिकारों का एक ऐसा दस्तावेज मिल रहा है जो आपके पूर्वजों की यादों और आपके परिवार की विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान संपत्ति के रूप में सुरक्षित रखने में मदद करेगा।"

देश का पहला राज्य बना मध्य प्रदेश

सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में गर्व के साथ यह भी साझा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के भूखंडों का मुफ्त रजिस्ट्रेशन कराने का ऐतिहासिक फैसला लेने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के भूखंडों का मुफ्त रजिस्ट्रेशन कराने का निर्णय लिया है। यह अभियान प्रधानमंत्री के जन्मदिन को जनसेवा और सुशासन के संकल्प से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।"

बिना स्टांप ड्यूटी और फीस के तैयार होंगे रिकॉर्ड

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, स्वामित्व योजना के तहत राज्यभर के ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि के अधिकार अभिलेख तैयार कर लिए गए हैं। अब तक 41,568 गांवों में 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत करीब 50 लाख निजी संपत्तियों का मुफ्त पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए नागरिकों को किसी भी प्रकार की स्टांप ड्यूटी या रजिस्ट्रेशन फीस चुकाने की आवश्यकता नहीं होगी।

तीन चरणों में लगेंगे विशेष शिविर, तय किए गए अधिकारी

प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और पारदर्शी बनाने के लिए गांव और पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। ये कैंप तीन चरणों में संपन्न होंगे:

  • पहला चरण: 17 से 19 सितंबर
  • दूसरा चरण: 24 से 26 सितंबर
  • तीसरा चरण: 1 से 3 अक्टूबर

संबंधित जिलों द्वारा इन कैंपों की सूचना समय पर लाभार्थियों को दी जाएगी। सरकार ने प्रशासनिक कसावट के तहत पटवारियों को 'निष्पादन अधिकारी' (Execution Officers) नियुक्त किया है, जबकि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, PCO और ADEOs को 'पंजीयन अधिकारी' (Registration Officers) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे जमीनी स्तर पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सकेगी।

निर्धारित समयसीमा के भीतर इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड समीक्षा करेंगे। एक महीने के भीतर इस पूरे अभियान को धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, योजना से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए एक समर्पित राज्य-स्तरीय हेल्पडेस्क (Helpdesk) भी सक्रिय कर दी गई है।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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