जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि आपसी सहमति से बने संबंधों में बाद में ...
MP हाईकोई ने कहा - आपसी सहमति से बने संबंधों के बाद विवाद होने पर मामला दर्ज करना उचित नहीं
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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि आपसी सहमति से बने संबंधों में बाद में विवाद होने पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करना उचित नहीं है। कोर्ट ने कटनी के एक कपड़ा व्यापारी को लगे रेप के आरोपों से बरी कर दिया।
महिला के एफआईआर को कारोबारी ने दी थी चुनौती
मामले के अनुसार, फरवरी 2021 में कटनी निवासी कपड़ा व्यापारी मुकेश ठाकुरानी के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस एफआईआर को चुनौती दी।
विवाद पर दुष्कर्म का मामला नहीं बनता
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि दोनों पक्ष वयस्क थे और उनकी बीच लंबे समय तक सहमति से संबंध रहे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दो वयस्क महिला-पुरुष अपनी इच्छा से लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं और आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं, तो बाद में विवाद होने पर इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।
न्यायसंगत नहीं है एफआईआर
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि यह आपसी सहमति का मामला है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी व्यापारी के खिलाफ दर्ज मामला निरस्त करते हुए उसे बरी कर दिया।
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