भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में बैंकों द्वारा नई सावधि जमाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों में गिरावट आई, जबकि नए ऋणों पर ब्याज दरें लगभग अपरिवर्तित रहीं।
नई दिल्ली [भारत]: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में बैंकों द्वारा नई सावधि जमाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों में गिरावट आई, जबकि नए ऋणों पर ब्याज दरें लगभग अपरिवर्तित रहीं। नई रुपये की सावधि जमाओं पर औसत ब्याज दर जून के 5.99 प्रतिशत से घटकर जुलाई में 5.90 प्रतिशत हो गई, जो 0.09 प्रतिशत अंक की गिरावट है। इसी समय, नए रुपये के ऋणों पर औसत ब्याज दर जून के 8.53 प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 8.52 प्रतिशत हो गई। हालांकि, पहले से बकाया ऋणों पर औसत ब्याज दर जून के 8.96 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 8.97 प्रतिशत हो गई।
विभिन्न क्षेत्रों में ब्याज दरों में मिला-जुला बदलाव
RBI ने कहा कि जुलाई 2026 में नए और मौजूदा रुपये के ऋणों पर ब्याज दरों में "विभिन्न क्षेत्रों में मिश्रित उतार-चढ़ाव" देखा गया। RBI के विस्तृत आंकड़ों से पता चला कि जुलाई के दौरान उधार लागत में उतार-चढ़ाव विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न रहा।
व्यापार और पेशेवर सेवाओं के कर्ज सस्ते हुए
व्यापार क्षेत्र को दिए गए नए ऋणों पर ब्याज दर जून में 8.00 प्रतिशत से घटकर 7.79 प्रतिशत हो गई, जबकि पेशेवर सेवाओं के लिए ब्याज दर 8.32 प्रतिशत से गिरकर 8.19 प्रतिशत हो गई। हालांकि, कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए नए ऋण ब्याज दरों में वृद्धि हुई। अवसंरचना क्षेत्र के लिए ब्याज दर 7.56 प्रतिशत से बढ़कर 7.71 प्रतिशत हो गई, जबकि बड़े उद्योगों के लिए ब्याज दर 7.46 प्रतिशत से बढ़कर 7.53 प्रतिशत हो गई। RBI के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को दिए गए नए ऋणों पर ब्याज दर भी इस महीने के दौरान 8.78 प्रतिशत से बढ़कर 8.82 प्रतिशत हो गई।
मौजूदा सावधि जमाओं की दर 6.58% पर स्थिर
वहीं, मौजूदा रुपये की सावधि जमा पर औसत ब्याज दर जुलाई में जून के मुकाबले 6.58 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही। RBI के आंकड़ों में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक शामिल हैं, जिनमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और लघु वित्त बैंक शामिल नहीं हैं।
(एएनआई)
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