फरह क्षेत्र में कथित गलत इंजेक्शन से बच्चे की मौत की सोशल मीडिया पर वायरल खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान कई संचालक मौके से चले गए।
मथुरा: दो दिन पहले फरह क्षेत्र में कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक बच्चे की मौत की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसका संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी गोपाल गर्ग ने सोमवार को टीम के साथ फरह क्षेत्र में चिकित्सा प्रतिष्ठानों की जांच की। टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही कई कथित झोलाछाप डॉक्टर अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर मौके से चले गए।
परखम में वंश पैथोलॉजी को किया गया सीज
जांच के दौरान कस्बा फरह में दिनेश डॉक्टर, जगदंबा डॉक्टर और गायत्री एक्स-रे, नगला चंद्रभान में डॉक्टर राधेश्याम और बरारी में बंगाली डॉक्टर को नोटिस जारी किए गए। वहीं परखम में वंश पैथोलॉजी को सीज कर दिया गया। नोडल अधिकारी गोपाल गर्ग ने बताया कि परखम में कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाने वाले झोलाछाप डॉक्टर के यहां भी टीम ने जांच का प्रयास किया, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही वह प्रतिष्ठान पर ताला लगाकर मौके से चला गया।
चिकित्सा कार्य कर रहे ऐसे लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अचानक की गई कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। कई चिकित्सा प्रतिष्ठानों के संचालक कार्रवाई की भनक लगते ही शटर गिराकर चले गए। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को लेकर पूरे क्षेत्र में दिनभर चर्चा रही। नोडल अधिकारी गोपाल गर्ग ने कहा कि बिना आवश्यक मानकों और वैध अनुमति के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध रूप से संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों में मची खलबली
उन्होंने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बच्चे की मौत से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग की सख्ती से अवैध रूप से संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों में खलबली मची हुई है।
ये भी पढ़ें- UP News: मुख्यमंत्री योगी ने किया ई-पॉस फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ, अब कोटेदारों को मिलेगा ₹125 प्रति क्विंटल कमीशन