मुरैना। चंबल अंचल के मुरैना में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। वन विभाग की टीम ने शुक्रवार-शनिवार...
मुरैना। चंबल अंचल के मुरैना में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। वन विभाग की टीम ने शुक्रवार-शनिवार की रात पलपुरा गांव के हार क्षेत्र में दबिश देकर एक शिकारी को नीलगाय का शिकार करते हुए रंगे हाथों दबोचा। वहीं उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से नीलगाय का सिर, खाल और करीब डेढ़ क्विंटल मांस बरामद किया, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
वन विभाग फरार आरोपियों की तलाश कर रहा है। पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लेकर वन विभाग ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे गहन पूछताछ जारी है। वन विभाग के अनुसार, चंबल क्षेत्र में वन्यजीव शिकार की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। शिकारियों द्वारा नीलगाय के मांस की अवैध सप्लाई हाइवे किनारे स्थित मेवाती होटलों तक करने के मामले उजागर हो चुके हैं। इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था और शिकारियों के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटा है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
बड़ी मात्रा में मांस व शिकार में प्रयुक्त औजार बरामद
मौके की तलाशी के दौरान वन विभाग ने नीलगाय का कटा हुआ सिर, खाल, एक धारदार छुरी और करीब डेढ़ क्विंटल मांस बरामद किया। इतनी बड़ी मात्रा में मांस देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुखवीर पुत्र महेश, निवासी नेरा बागरा, जिला मथुरा उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। आरोपी को बरामद सामग्री सहित डीएफओ कार्यालय लाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
अवशेषों का पोस्टमार्टम, दफनाने की कार्रवाई
वन विभाग ने बाद में नियमानुसार, नीलगाय के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें जंगल क्षेत्र में दफनाने की कार्रवाई की। चंबल क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे अवैध शिकार के मामलों ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटा है और पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है।
गेंहू काटने का बहाना, मुरैना में आकर करते थे शिकार
पकड़े गए आरोपी ने बताया कि गैंग का मुखिया कप्तान सिंह है। वे गेंहू काटने के बहाने मुरैना आते हैं। यहां आकर उनका मुख्य टारगेट नीलगाय का शिकार करना होता है। वे दिन में गेंहू की फसल काटते हैं और रात को नीलगाय का शिकार करते हैं। शिकार करने के बाद वे मांस को बोरियों में भरकर अनाज के साथ बड़ी आसानी से मथुरा ले जाते हैं। इससे पहले भी वे दो-तीन बार मुरैना आकर निलगाय का शिकार कर चुके हैं। नीलगाय का शिकार कर वे मांस को मथुरा में छोटे-छोटे दुकानदारों के यहां मांस सप्लाई कर मोटा पैसा कमा लेते हैं। मथुरा में नीलगाय के मांस की डिमांड अधिक है।
घड़ियाल केंद्र के अधीक्षक ने कहा, पूछताछ जारी
मुरैना देवरी घड़ियाल केंद्र के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि, ''पकड़ा गया युवक पिड़ावली गांव में फसल काटने आया हुआ था और यह लोग नीलगाय तस्करी में शामिल हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए। मौके से नीलगाय का मांस, सिर और धड़ बरामद किया गया है मामले में प्रकरण दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।''
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