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पप्पू यादव का बाढ़ राहत पर हमला

बिहार बाढ़ राहत: सांसद पप्पू यादव ने उठाए सवाल, 5000 करोड़ की मांग और सिंचाई मंत्री पर तीखा हमला

बिहार में बाढ़ राहत पर पप्पू यादव ने उठाए सवाल, 5000 करोड़ की मांग की। वायुसेना के जरिए सारण में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर।

बिहार बाढ़ राहत सांसद पप्पू यादव ने उठाए सवाल 5000 करोड़ की मांग और सिंचाई मंत्री पर तीखा हमला

Independent MP Pappu Yadav |

पटना (बिहार)। बिहार के सारण ज़िले में बाढ़ और जलभराव के बीच राहत कार्यों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी का दावा करते हुए केंद्र सरकार से ₹5,000 करोड़ की विशेष राहत सहायता की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन ने वायुसेना के जरिए दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया है।

छपरा में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी

बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लेने के बाद निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राज्य सरकार और केंद्र के राहत तंत्र पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। छपरा में लगातार तीन दिनों तक जमीनी स्तर पर स्थिति का मुआयना करने के बाद उन्होंने दावा किया कि प्रभावित इलाकों में प्रशासन पूरी तरह नदारद दिखा।

सांसद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मैं तीन दिनों से छपरा में हूँ। वहाँ न तो जनरेटर हैं, न पॉलीथीन शीट, न कम्युनिटी किचन, न मेडिकल सुविधाएँ और न ही हैंड पंप। मुझे ही सौ हैंड पंप लगवाने पड़े। मुझे ही बाथरूम की सुविधाएँ देनी पड़ीं और पॉलीथीन शीट व जनरेटर का इंतज़ाम करना पड़े। हमें तटबंध के किनारे 50 से ज़्यादा जनरेटर लगाने पड़े।" व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने आगे कहा, "सांसद और विधायक कहाँ थे? केंद्र सरकार को तो कुछ पता ही नहीं है।"

दूसरे राज्यों से की बिहार की तुलना

पप्पू यादव ने अन्य राज्यों में आपदा के दौरान हुए प्रशासनिक और सामाजिक रेस्पांस का हवाला देते हुए बिहार के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने तुलना करते हुए कहा, "जब असम में बाढ़ आई, तो सबने मदद की। सरकार हरकत में आ गई। जब पंजाब संकट में था, तो सभी पंजाबियों ने मदद की। जब गुजरात में बाढ़ आई, तो सभी गुजरातियों ने मदद की। बिहार के साथ ऐसा क्यों नहीं? बिहारी लोग आगे क्यों नहीं आ रहे? सरकार कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही? बिहारियों के प्रति इतनी नफ़रत क्यों?"

सिंचाई मंत्री के इस्तीफे की मांग

राहत कार्यों में कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार पर आक्रामक रुख अपनाते हुए पप्पू यादव ने केंद्र से बड़े वित्तीय पैकेज की मांग के साथ-साथ राज्य सरकार के मंत्रियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग दोहराते हुए कहा, "राहत के तौर पर ₹5,000 करोड़ दिए जाएँ और श्रीराम कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट किया जाए। सिंचाई मंत्री के सभी ठेकेदारों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की जाए। सिंचाई मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।"

वायुसेना का राहत और बचाव अभियान

एक तरफ जहां राजनीतिक बयानबाजी तेज है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर राहत बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए थे कि सारण ज़िले के बाढ़ प्रभावित और दुर्गम इलाकों में समय पर राहत सामग्री पहुंचाई जाए। इसके तहत गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर विशेष एयर-ड्रॉपिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने 15 सॉर्टी (उड़ान) पूरी कर सारण जिले में 28 टन से ज़्यादा खाद्य सामग्री पहुंचाई है, जिसमें 5,600 से अधिक सूखे राशन के पैकेट शामिल हैं। यह विशेष पहल उन इलाकों के लिए की गई है जहाँ सड़कों पर भारी जलभराव के कारण पारंपरिक वाहनों से पहुँचना असंभव हो गया है। ज़िला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग वैकल्पिक मार्गों के साथ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मुख्यमंत्री का आभार और ऑपरेशन का नेतृत्व

इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन की कमान वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों में है, जिसमें गोरखपुर से ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता और विंग कमांडर विशाल खत्री, बागडोगरा से स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल, फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुणाल कलमकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट राठौर भरत सिंह शामिल हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायु सेना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को पूरी प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा रहा है।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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