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गरबा-डांडिया के तेज साउंड से लोग परेशान

गरबा-डांडिया की धूम के बीच तेज साउंड से लोग परेशान, बोले- हमारी परेशानी भी समझिए

चंदौली में शारदीय नवरात्र के दौरान गरबा-डांडिया की धूम के बीच तेज साउंड की आवाज आसपास रहने वाले परिवारों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।

गरबा-डांडिया की धूम के बीच तेज साउंड से लोग परेशान बोले- हमारी परेशानी भी समझिए

People Troubled by Loud Garba-Dandiya Music, Urge Organisers to Understand Their Concerns |

चंदौली : चंदौली में शारदीय नवरात्र के दौरान गरबा-डांडिया की धूम के बीच तेज साउंड की आवाज आसपास रहने वाले परिवारों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। मुगलसराय स्थित कृष्णा पैलेस में मंगलवार रात आयोजित कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि उत्सव मनाने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन तेज आवाज के कारण बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दिनचर्या और मरीजों के आराम में खलल पड़ रहा है।

तेज आवाज से स्वास्थ्य पर असर की चिंता

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान तेज आवाज में डीजे और फिल्मी गाने बजाए जा रहे हैं। इससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों ने चिंता जताई कि लंबे समय तक तेज ध्वनि के संपर्क में रहने से तनाव, नींद में बाधा और रक्तचाप संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने आयोजकों से साउंड की आवाज कम रखने की अपील की, ताकि उत्सव के साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा सके।

गरबा के नाम पर फिल्मी गाने बजाने पर सवाल

कुछ स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में गरबा-डांडिया के नाम पर फिल्मी गाने बजाने और आयोजन के स्वरूप को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शुरुआत में कुछ गरबा गीत बजाए गए, लेकिन इसके बाद दूसरे तरह के कार्यक्रम शुरू हो गए। लोगों ने संगीत के चयन और ध्वनि की तीव्रता पर ध्यान देने की मांग की।

पास और डांडिया स्टिक को लेकर भी नाराजगी

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रति व्यक्ति करीब 200 रुपये का पास दिए जाने की बात सामने आई है। लोगों के मुताबिक, पास के साथ डांडिया स्टिक निशुल्क उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन घर लौटते समय प्रवेश या निकास पर तैनात बाउंसरों ने स्टिक वापस ले ली। इसको लेकर भी कुछ लोगों में नाराजगी दिखाई दी।

आयोजकों से लोगों की परेशानी समझने की अपील

स्थानीय लोगों का कहना है कि नवरात्र का उत्सव खुशियां बांटने के लिए है, न कि दूसरों की परेशानी बढ़ाने के लिए। उन्होंने आयोजकों से तेज साउंड पर नियंत्रण रखने और आसपास रहने वाले परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की है।

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