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एक कैदी को छुड़ाने के कथित प्रयास का मामला

शिअद नेता बिक्रम मजीठिया के आवास पर पुलिस का छापा

गैरकानूनी तरीके से और पूर्व नियोजित साजिश के तहत पुलिस स्टेशन में घुस गए और पुलिस को धमकाया।

शिअद नेता बिक्रम मजीठिया के आवास पर पुलिस का छापा

एसएसपी ग्रामीण सोहेल मीर |

चंडीगढ़ । पंजाब पुलिस ने सोमवार को शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के आवास पर मजीठा पुलिस स्टेशन हमले के सिलसिले में छापा मारा। इस हमले में पुलिस हिरासत से एक कैदी को छुड़ाने का कथित प्रयास किया गया था। पुलिस के अनुसार, बिक्रम मजीठिया उन गैरकानूनी लोगों की भीड़ का हिस्सा थे, जिन्होंने मजीठा पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिए गए जोबनप्रीत को छुड़ाने का प्रयास किया था। भीड़ पुलिस स्टेशन में घुस गई और कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को धमकाया। हालांकि, जोबनप्रीत को वापस पुलिस हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छह आरोपियों को नामजद किया है।

थाने के सामने जमा हो गई थी भीड़

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एसएसपी ग्रामीण सोहेल मीर ने कहा, "30 मई को मजीठा पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 90 में हमने जोबनप्रीत नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ के दौरान, सुबह करीब 11:30 बजे, उसे छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन के सामने भीड़ जमा हो गई। वे जबरन, गैरकानूनी तरीके से और पूर्व नियोजित साजिश के तहत पुलिस स्टेशन में घुस गए और पुलिस को धमकाया।" उन्होंने आगे बताया, " उन्होंने पुलिस स्टेशन के विभिन्न कमरों की तलाशी ली और फिर पूछताछ कक्ष में घुस गए। उन्होंने उसे हथियारों से धमकाया, कुछ केस फाइलों को नुकसान पहुंचाया और जबरन उसे पुलिस हिरासत से ले गए। एसएचओ और डीएसपी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की। फिर भी उन्होंने उसे खींचकर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस उसे वापस हिरासत में लेने में कामयाब रही और उसे लॉकअप में डाल दिया।"

शिअद ने राजनीतिक प्रतिशोध बताय़ा

इस बीच, शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मजीठिया के खिलाफ मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे एसएडी के खिलाफ “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया। हरसिमरत कौर बादल ने पत्रकारों से कहा, “हमारे एक नेता के सिर पर चोट पहुंचाने वाले व्यक्ति को मजीठिया के प्रभारी ने पुलिस स्टेशन से छुड़ा लिया, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। (एएनआई)

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