भोपाल। संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण बिल) पर सहमति न बन पाने के बाद...
मध्य प्रदेश में भी बढ़ी 'नारी शक्ति वंदन बिल' पर सियासी तकरार, विशेष सत्र बुलाने की तैयारी |
भोपाल। संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण बिल) पर सहमति न बन पाने के बाद अब यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में भी गरमा गया है। इस मुद्दे पर राज्य सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है।
संकल्प पारित करने के लिए विशेष सत्र
मध्य प्रदेश सरकार महिला आरक्षण के समर्थन में एक संकल्प पारित करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। यह पहली बार होगा जब संसद में अटके किसी बिल पर राजनीतिक और विधायी प्रतिक्रिया देने के लिए राज्य में विशेष सत्र बुलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इस सत्र के माध्यम से प्रदेश की जनता को यह स्पष्ट किया जाएगा कि महिलाओं के अधिकारों को किसने रोका है।
विपक्ष की मानसिकता उजागर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि इस मामले ने विपक्ष की 'महिला विरोधी मानसिकता' को उजागर कर दिया है।
राजधानी में आयोजित 'आक्रोश सभा' और रैली
इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने और समर्थन जुटाने के लिए सोमवार को भोपाल में एक 'आक्रोश सभा' और रैली का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में लगभग 25,000 महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है।
मंच पर रहेंगी महिला मंत्री व सांसद
मंच पर निर्मला भूरिया, संपतिया उइके, कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी और राधा सिंह रहेंगी। इसके साथ लता वानखेड़े, कविता पाटीदार, माया नारोलिया और सुमित्रा वाल्मीकि भी रहेंगी।
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