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प्रशांत किशोर ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा

प्रशांत किशोर ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, बोले- चुनाव आयोग पर सवाल SIR से आगे बढ़े

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा है कि चुनाव आयोग को लेकर उठ रही चिंताएं मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तक सीमित नहीं हैं।

 प्रशांत किशोर ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा बोले- चुनाव आयोग पर सवाल sir से आगे बढ़े

Prashant Kishor Seeks Gyanesh Kumar’s Resignation, Questions EC Beyond SIR |

समस्तीपुर (बिहार): जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा है कि चुनाव आयोग को लेकर उठ रही चिंताएं मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के कई पहलू ऐसे हैं, जिनसे यह धारणा बनती है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी दल की मदद कर रहा है। किशोर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।

चुनावी प्रक्रिया के कई पहलुओं पर उठाए सवाल

गुरुवार को समस्तीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 8 से 10 वर्षों से समाज का एक बड़ा वर्ग चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा, "यह मुद्दा सिर्फ SIR और ज्ञानेश कुमार तक ही सीमित नहीं है। पिछले 8-10 वर्षों से समाज का एक बड़ा वर्ग पूरी चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रहा है।" किशोर ने मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव की तारीखें निर्धारित करने, आदर्श आचार संहिता लागू करने, पर्यवेक्षकों की तैनाती और मतगणना के दौरान कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इन पहलुओं से यह आभास होता है कि चुनाव आयोग किसी न किसी रूप में सत्ताधारी दल की सहायता कर रहा है।

 राजीव कुमार के इस्तीफे की भी मांग

प्रशांत किशोर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को भी इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि सेवानिवृत्त होते ही राजीव कुमार को HDFC का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया था।"

 इंडिया ब्लॉक ने राजघाट पर किया सत्याग्रह

इससे एक दिन पहले, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार तीसरे दिन हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद इंडिया ब्लॉक के नेता राजघाट पर एकत्रित हुए। नेताओं ने महात्मा गांधी को 'सत्याग्रह' की भावना के साथ शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी रखने का संकल्प लिया। राजघाट पर मौजूद प्रमुख नेताओं में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थे।

भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज

इस बीच, भाजपा ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेता पर 'अराजक मानसिकता' रखने का आरोप भी लगाया।

इंडिया ब्लॉक की अगली रणनीति पर नजर

इंडिया ब्लॉक ने अभी तक अपने अगले कदमों को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है। खबर के अनुसार, विपक्षी नेतृत्व की ओर से 9 अक्टूबर को आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दिए जाने की उम्मीद है। वहीं, दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित एक विरोध प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।

(एएनआई)

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