जिले के खिलचीपुर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचे और उन्होंने गर्भगृह को खाली पाया।
राजगढ़। जिले के खिलचीपुर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचे और उन्होंने गर्भगृह को खाली पाया। मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्राचीन प्रतिमाएं गायब थीं। इस घटना से पूरे क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल व्याप्त हो गया, और भावुक भक्तों की आँखों में आँसू छलक आए।
CCTV फुटेज से खुला राज
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। जब मंदिर परिसर के CCTV फुटेज को खंगाला गया, तो सच्चाई जानकर हर कोई दंग रह गया। मुख्य आरोपी मंदिर का पुजारी विष्णु दास ही निकला। फुटेज में स्पष्ट रूप से पुजारी विष्णु दास को देर रात मूर्तियों को अपने साथ ले जाते हुए देखा गया।
भक्तों में भारी रोष, जिसे सुरक्षा का जिम्मा उसने ही किया यह काम
मंदिर की सुरक्षा और सेवा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुजारी द्वारा ही ऐसा कदम उठाए जाने से श्रद्धालुओं में भारी रोष है। पुलिस ने पुजारी को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि आखिर उन्होंने इन पवित्र मूर्तियों को कहाँ और क्यों छिपाया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश या प्राचीन मूर्तियों की तस्करी का मामला हो सकता है। फिलहाल, मंदिर के खाली सिंहासन को देखकर भक्त स्तब्ध और दुखी हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस पर भरोसा था कि वह भगवान की सेवा करेगा, वही उन्हें चुरा ले गया। यह पूरे समाज के लिए शर्मनाक है।
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