कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने 'वोट चोरी' के आरोपों और चुनावी जवाबदेही पर RSS प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए।
बेंगलुरु (कर्नाटक)। कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए संगठन प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर सवाल उठाए। खड़गे ने 'वोट चोरी' के आरोपों और चुनावी जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर भागवत की प्रतिक्रिया नहीं आने को लेकर आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए कहा कि RSS कई विषयों पर अपनी राय रखता है, लेकिन कुछ अहम सार्वजनिक मुद्दों पर चुप रहता है।
विज्ञान से परिवार नियोजन तक RSS की राय पर टिप्पणी
प्रियंक खड़गे ने अपनी पोस्ट में RSS की विभिन्न विषयों पर टिप्पणी करने की प्रवृत्ति पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि संगठन भारत की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, धर्म, सामाजिक मूल्यों और विज्ञान जैसे विषयों पर अपनी राय रखता है। खड़गे ने परिवार नियोजन से जुड़े विचारों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि RSS कई ऐसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता जताता है, जिन पर उसे सवालों का सामना करना चाहिए।
गाय के मूत्र और पौराणिक कथाओं का भी किया जिक्र
खड़गे ने अपने बयान में गाय के मूत्र से कैंसर के इलाज के दावों को बढ़ावा देने और पौराणिक कथाओं को वैज्ञानिक तथ्य के रूप में पेश करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन उदाहरणों के जरिए RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि संगठन के लिए कोई भी विषय उसकी विशेषज्ञता से बाहर नहीं है। ये टिप्पणियां खड़गे की ओर से RSS की विचारधारा और सार्वजनिक मुद्दों पर उसके रुख को लेकर की गई आलोचना का हिस्सा थीं।
मोहन भागवत जी अब कहां हैं? खड़गे ने उठाए सवाल
RSS प्रमुख पर सीधे सवाल उठाते हुए प्रियंक खड़गे ने कहा, "लेकिन जब किसानों की परेशानी, छात्रों की चिंता या वोट चोरी के आरोपों की बात आती है, तो उनके भाषण अचानक बंद हो जाते हैं। मोहन भागवत 'जी' अब कहाँ हैं? जब सवाल चुनावी ईमानदारी और जवाबदेही के हों, तो इतनी गहरी चुप्पी क्यों?"
मतदाता सूची की कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक टकराव
प्रियंक खड़गे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग को लेकर विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है। खड़गे ने इसी संदर्भ में 'वोट चोरी' के आरोपों पर RSS प्रमुख की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए। उनके बयान में चुनावी ईमानदारी और जवाबदेही को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया गया। (Source: ANI)
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