इंदौर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में शनिवार को...
ईद की नमाज के बाद भोपाल में विरोध प्रदर्शन, अमेरिका और इजराइल के खिलाफ लगे नारे
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इंदौर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में शनिवार को हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फितर मनाई जा रही है। हालांकि, इस बार ईद के जश्न के बीच विरोध का स्वर भी देखने को मिला।
शिया समुदाय ने किया 'काली ईद' मनाने का फैसला
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हाल ही में एक हमले में हुई मृत्यु के शोक में, भोपाल के शिया समुदाय ने इस वर्ष सादगी से ईद मनाने का निर्णय लिया है। समुदाय के लोग पुराने कपड़े पहनकर और हाथों पर काली पट्टी बांधकर पुराने शहर स्थित इमामबाड़ा और मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने "अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद" के नारे लगाए। समुदाय के नेताओं का कहना है कि यह विरोध निर्दोषों की हत्या और वैश्विक अशांति के खिलाफ है।
चांद दिखने के बाद हुई घोषणा
इससे पहले, रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद गुरुवार को चांद नजर नहीं आया था। इसके बाद भोपाल के शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने आधिकारिक घोषणा की थी कि ईद-उल-फितर 21 मार्च, शनिवार को मनाई जाएगी। शिया समुदाय ने इस बार नए कपड़े न पहनकर और कोई उत्सव न मनाकर दुनिया को शांति और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। विरोध प्रदर्शन और बड़े जमावड़े को देखते हुए भोपाल और इंदौर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
विरोध प्रदर्शन के बावजूद राज्य के सभी प्रमुख ईदगाहों में सुबह की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जहां देश की तरक्की और अमन-चैन की दुआ मांगी गई।
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