कांवड़ यात्रा को लेकर मुरादाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाने-पीने की दुकानों पर विशेष QR Code लगाए हैं। इनकी मदद से श्रद्धालु मिलावट, ओवरचार्जिंग या अन्य अनियमितताओं की शिकायत तुरंत दर्ज करा सकेंगे
मुरादाबाद: कांवड़ यात्रा से पहले मुरादाबाद के खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य एवं पेय पदार्थों की दुकानों का निरीक्षण तेज कर दिया है। श्रद्धालुओं की शिकायतों को सुविधाजनक बनाने के लिए क्यूआर कोड लगाए हैं। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने यात्रा मार्ग पर स्थित सभी खाने-पीने स्टॉलों और दुकानों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट गंभीरता से ले रहे कावड़ यात्रा
खाद्य सुरक्षा अधिकारी कृपाशंकर सिंह ने कहा कि सावन की तीर्थयात्रा के दौरान मिलावट, अधिक कीमत वसूलने और लापरवाही को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृपाशंकर सिंह ने ANI को बताया कि, मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सावन के महीने में कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
क्या है विभाग का प्राथमिक लक्ष्य?
अधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि विभाग का प्राथमिक लक्ष्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के खतरे को खत्म करना और श्रद्धालुओं को विक्रेताओं द्वारा अधिक कीमत वसूलने से बचाना है। इस साल शुरू की गई डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कृपाशंकर सिंह ने बताया कि क्यूआर कोड श्रद्धालुओं और अधिकारियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेंगे।
क्यों लगाए गए क्यूआर कोड?
हमारा विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी विक्रेता अधिक कीमत न वसूले और किसी भी प्रकार की मिलावट न हो। हमने क्यूआर कोड लगाए हैं ताकि लोग शिकायत दर्ज करा सकें। इससे अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
वार्षिक कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं लाखों श्रद्धालु
उन्होंने आगे कहा, श्रावण माह में देश भर से लाखों श्रद्धालु वार्षिक कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं, जो भगवान शिव को पवित्र जल अर्पित करने के लिए तीर्थयात्रियों द्वारा की जाने वाली आध्यात्मिक यात्रा में गहरी आस्था और भक्ति को दर्शाती है। कांवड़िया नदियों से पवित्र जल इकट्ठा करते हैं और सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करके भगवान शिव के मंदिरों में अर्पित करते हैं। हिंदू पौराणिक कथाओं में श्रावण (या सावन) का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि श्रावण माह भगवान शिव का सबसे प्रिय माह है। इस माह में शिव की पूजा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
(एएनआई)
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