रायबरेली जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बाहर से ₹515 का इंजेक्शन लाने को कहने पर तीमारदारों ने हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए CMS से शिकायत की।
रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक बार फिर 'बाहर का खेल' धड़ल्ले से शुरू हो गया है। दिन हो या रात, अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को अंदर से दवा देने के बजाय बाहर का महंगा इंजेक्शन थमाने में रत्ती भर भी परहेज नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार देर रात ऐसा ही एक मामला सामने आने पर इमरजेंसी में तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा।
सिर दर्द का इलाज करवाने आए मरीज का हुआ पर्चा 'कट'
हरचंदपुर के पिंडरी सरगही निवासी राजवीर को तेज सिर दर्द की शिकायत पर पहले हरचंदपुर CHC ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मरीज का चचेरा भाई राज उसे देर रात इमरजेंसी लेकर पहुंचा। प्राथमिक उपचार के नाम पर डॉक्टर ने तुरंत एक पर्चा थमा दिया और बाहर से महंगा इंजेक्शन लाने की हिदायत दे दी।
जेब में ₹80, दवा मिली ₹515 की!
राज जब बेबस होकर दुकान पर पहुंचा तो पता चला कि इंजेक्शन ₹515 का है, जबकि उसकी जेब में महज 80 रुपये थे। उसने रोते-बिलखते अपने रिश्तेदारों को फोन घुमाया। मौके पर पहुंचे परिजनों का जब सब्र का बांध टूटा तो उन्होंने डॉक्टर की इस तानाशाही का कड़ा विरोध शुरू कर दिया। इमरजेंसी में काफी देर तक गहमागहमी और नोकझोंक होती रही, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
पुलिस पहुंची, CMS से की शिकायत
हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और अस्पताल के सुरक्षाकर्मी दौड़ पड़े। तीमारदारों ने पूरे मामले की लिखित शिकायत CMS को सौंपते हुए आरोपी डॉक्टर अतुल पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बाहरी दवाओं का खेल फिर चरम पर
करीब डेढ़ महीने तक प्रशासनिक सख्ती के कारण 'बाहरी दवाओं' का यह खेल थमा हुआ था, लेकिन अब यह फिर से चरम पर है। स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को इस कमीशनखोरी और अंदरूनी सांठगांठ की पूरी खबर है, फिर भी 'धरती के भगवान' कहलाने वाले डॉक्टरों के इस रवैये पर पूरी तरह आंखें मूंद ली गई हैं।
यह भी पढ़ें: मोतिहारी में मामूली विवाद पर दो पक्षों में मारपीट, कई घायल; इलाके में भारी पुलिस बल तैनात